Manduwa Roti Recipe: स्वाद और सेहत की जब बात आती है, तो उत्तराखंड की ‘मंडवे की रोटी’ का कोई मुकाबला नहीं है. रागी या कोदा के नाम से मशहूर यह अनाज कैल्शियम, आयरन और फाइबर का पावरहाउस है, जो हड्डियों को फौलाद जैसी मजबूती देता है. पहाड़ों की कड़ाके की ठंड में शरीर को गर्म रखने और दिनभर ऊर्जा देने वाली इस रोटी को बनाने का तरीका भी बेहद खास है. जानिए कैसे बिना गेहूं मिलाए, सिर्फ मंडवे के आटे से आप घर पर ही नरम और स्वादिष्ट रोटी तैयार कर सकते हैं.
मंडवे की रोटी बनाने की विधि
अक्सर लोग मंडवे की रोटी बनाने के लिए उसमें गेहूं का आटा मिलाते हैं, लेकिन शुद्ध मंडवे की रोटी का स्वाद और पोषण बेमिसाल होता है. इसे बनाने के लिए आपको केवल मंडवे का आटा, गुनगुना पानी और थोड़ा घी चाहिए.
1. एक बर्तन में एक कप मंडवे का आटा लें. स्वाद के लिए थोड़ा नमक डाल सकते हैं. इसमें धीरे-धीरे गुनगुना पानी मिलाते हुए नरम आटा गूंथ लें. ध्यान रहे कि आटा सख्त न हो, वरना रोटियां किनारे से फटने लगेंगी.
2. आटे की छोटी लोई बनाएं. इसे बीच से दो हिस्सों में बांटकर थोड़ा घी लगाएं और फिर से बंद कर दें. यह छोटी सी ट्रिक रोटी को अंदर से नरम और बेहद स्वादिष्ट बना देती है.
3. चूंकि इसमें ग्लूटेन नहीं होता, इसलिए इसे बेलन के बजाय हाथों से धीरे-धीरे थपथपाकर (पाथा लगाकर) रोटी का आकार दिया जाता है.
4. गरम तवे पर थोड़ा घी लगाएं और रोटी को धीमी आंच पर दोनों तरफ से अच्छे से सेकें. जब रोटी सुनहरी हो जाए और घी की सोंधी खुशबू आने लगे, तो समझ लीजिए आपकी सेहतमंद रोटी तैयार है.
गरम-गरम मंडवे की रोटी का असली आनंद घर के बने मक्खन या शुद्ध देसी घी के साथ आता है. पहाड़ों में इसे अक्सर गहत की दाल (फाणू), हरी सब्जी या भांग की चटनी के साथ परोसा जाता है.
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सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें
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