Maa Ki Daal Recipe: मां की दाल या काली दाल का मेन इंग्रीडिएंट उड़ दाल होती है पर इसे एक बार चना दाल से रिप्लेस करके देखें और बाकी दालों के साथ सबसे अधिक मात्रा में चना दाल डालें. स्वाद में बहुत अंतर हो जाता है और इतनी सौंधी दाल तैयार होती है कि घरवाले उंगली चाटते रह जाते हैं.
कई सारी दालें पड़ती हैं
सबसे पहले दाल की तैयारी से शुरुआत करें. “मां की दाल” में केवल चना दाल ही नहीं, बल्कि थोड़ी मात्रा में मूंग दाल, मसूर दाल और चाहें तो कुछ राजमा भी मिला सकते हैं. इससे स्वाद और बनावट दोनों बेहतर हो जाते हैं. इन सभी दालों को अच्छी तरह 2-3 बार धो लें और लगभग 20–30 मिनट भिगोकर रखें. इसके बाद कुकर में दाल डालें. पर्याप्त पानी मिलाएं और 3-4 सीटी आने तक पकाएं. ताकि दाल पूरी तरह नरम हो जाए.
इन मसालों से लगाएं तड़का
अब बारी आती है असली स्वाद के तड़के की. एक कड़ाही या पैन में तेल गरम करें. इसमें तेज पत्ता और सूखी लाल मिर्च डालें. जिससे खुशबू फैलने लगे. फिर बारीक कटा प्याज डालकर सुनहरा होने तक भूनें. इसके बाद अदरक-लहसुन का पेस्ट और कटे हुए टमाटर डालें. मसाला अच्छी तरह भुन जाए और तेल हल्का अलग दिखने लगे. तब इसमें हल्दी, नमक, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर और थोड़ा सा गरम मसाला डालें.
जब मसाला तैयार हो जाए. तब उबली हुई दाल को इसमें डाल दें. जरूरत के अनुसार थोड़ा पानी मिलाकर 5-7 मिनट तक धीमी आंच पर उबालें. ताकि मसाले और दाल का स्वाद एक-दूसरे में अच्छे से मिल जाए. चाहें तो अंत में थोड़ा सा घी डालकर हरा धनिया से सजाएं. इससे दाल का स्वाद और भी निखर जाता है.
रोटी-चावल सबके साथ लाजवाब
गरमागरम “मां की दाल” जब तंदूरी रोटी, फुल्का या भाप में पके चावल के साथ परोसी जाती है. तो पूरा परिवार उंगलियां चाटता रह जाता है. यही वजह है कि होटल और ढाबों में यह दाल इतनी पसंद की जाती है. अब आप भी इस आसान विधि से घर पर ढाबा स्टाइल स्वाद का आनंद ले सकते हैं और हर खाने को खास बना सकते हैं.
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बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें
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