Bacteria Found in Everest Masala: ब्रांडेड मसाल कंपनियों के मसाले गुणवत्ता टेस्ट में फेल होने लगे हैं. फेल जो हुआ सो हुआ इससे भी बुरा यह हुआ कि इसमें जो बैक्टीरिया मिला वह हमारी सेहत के लिए बहुत बुरा होता है. आखिर इस बैक्टीरिया से हमारी सेहत को क्या नुकसान होता है और इससे कौन सी बीमारी होती है, आइए इसके बारे में जानते हैं.
बाजार के मसालों में खतरनाक बैक्टीरिया मिले.
जांच में क्या मिला
जांच में पाया गया कि इन मसालों में कीटनाशक और बैक्टीरिया मौजूद थे. कुछ सैंपल्स में तो इनकी मात्रा सरकार द्वारा तय की गई सुरक्षित सीमा से भी बहुत ज़्यादा थी. चूंकि इन मसालों का इस्तेमाल लगभग हर भारतीय घर में होता है, इसलिए यह खबर तेजी से फैल गई. रिपोर्ट के मुताबिक इस मसाले में एसीटामिप्रिड और एज़ोक्सीस्ट्रोबिन नाम के दो कीटनाशकों की मात्रा FSSAI द्वारा तय सीमा से कहीं ज़्यादा थी. इसके अलावा, इसमें बैक्टीरिया का स्तर भी काफी अधिक पाया गया. इस मसाले में भी तय सीमा से अधिक बैक्टीरिया मिले. इन मसालों में एंटरोबैक्टीरिया तय सीमा से बहुत ज्यादा मिले.
क्या होता है एंटरोबैक्टीरिया
एंटरोबैक्टीरिया बैक्टीरिया का एक ऐसा समूह है जो खाने को दूषित करने और उसे असुरक्षित बनाने के लिए जाना जाता है. इस समूह में दो मुख्य बैक्टीरिया शामिल हैं. ई. कोलाई और साल्मोनेला. ई. कोलाई के कारण पेट की बीमारियां होती है और साल्मोनेला फूड पॉइजनिंग के लिए ज़िम्मेदार होता है.
ये बैक्टीरिया नुकसानदेह क्यों
अगर हम ऐसा खाना खाते हैं जिसमें ये बैक्टीरिया मौजूद हों, तो पेट में इंफेक्शन हो सकता है. इसमें दस्त, उल्टी, पेट में मरोड़ या तेज दर्द जैसी शिकायतें आ सकती है. साथ ही इससे फूड पॉइजनिंग हो सकता है जो जानलेवा भी हो सकता है. वैसे तो यह किसी को भी बीमार कर सकते हैं, लेकिन बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए यह इंफेक्शन काफी गंभीर रूप ले सकता है.
साल्मोनेला का खतरा किन लोगों में ज्यादा
साल्मोनेला बैक्टीरिया इंसान की आंतों में रहता है. यह इंफेक्शन वाली बीमारी है. इसलिए जब व्यक्ति के मल से यह बैक्टीरिया बाहर निकलता है तो कई जगह फैल जाता है और इससे अन्य को भी संक्रमित कर देता है. कुछ खास स्थितियों में साल्मोनेला के इंफेक्शन का रिस्क और बढ़ जाता है. बच्चों, बुजु4ग और कुछ बीमारियों से पीड़ित लोगों में साल्ममोनेला का खतरा ज्यादा रहता है. हमारे पेट में मौजूद स्ट्रॉन्ग एसिड प्राकृतिक रूप से कई तरह के साल्मोनेला बैक्टीरिया को मार देता है. लेकिन कुछ बीमारियों या दवाइयों की वजह से यह सुरक्षा कवच कमज़ोर पड़ जाता है. ऐसे लोगों में भी इसका खतरा ज्यादा रहता है.
ई. कोलाई ज्यादा खतरनाक
अगर खाने के साथ ई. कोलाई जाता है तो यह ज्यादा घातक साबित हो सकता है. इससे डायरिया होता है जिसके कारण आंत की दीवार में खरोंच करने लगता है. इससे खून के साथ मल निकल सकता है. इसमें बुखार और पेट में जबर्दस्त दर्द हो सकता है. इतना ही नहीं ई. कोलाई यूटीआई का भी कारण बन जाता है. अगर ई. कोलाई पेशाब के रास्ते के हिस्सों को संक्रमित करता है इसमें पेट के निचले हिस्से या पेल्विक एरिया (पेड़ू) में दर्द होता है, पेशाब करते समय दर्द या जलन महसूस होता है, बार-बार और बहुत जल्दी-जल्दी पेशाब आने का अहसास होता है और पेशाब का रंग धुंधला और उसमें से तेज दुर्गंध आता है. अगर इसका इलाज न किया जाए तो इसका घातक असर हो सकता है.
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