Malmala Kadhi Recipe: छतरपुर जिले में गर्मी के मौसम में दही और छाछ से एक ऐसी डिश बनाई जाती है, जिसके स्वाद के आगे महंगी सब्जियों का स्वाद भी फीका पड़ने लगता है. ये डिश कम खर्च में बनकर तैयार हो जाती है. पौष्टिक के साथ-साथ दिमाग को ठंडा रखती है. छतरपुर की गृहणी ने कमाल की रेसिपी बताई…
कढ़ी की तासीर ठंडी
अंत में राई, जीरा, हींग, कड़ी पत्ता और सूखी लाल मिर्च का तड़का लगाकर गरमागरम चावल के साथ परोसें. छतरपुर की गृहिणी केशकली ने लोकल 18 को बताया कि वैसे तो छतरपुर में 12 महीने मलमला कढ़ी बनती है, लेकिन गर्मी के मौसम इसकी डिमांड बढ़ जाती है. दरअसल, मलमला कढ़ी की तासीर ठंडी होती है, क्योंकि ये दही या छाछ से बनाया जाता है.
कढ़ी बनाने की आसान विधि
केशकली बताती हैं कि मलमला कढ़ी बनाने के लिए सबसे पहले मलमला भाजी को अच्छी तरह धुल लेना है. इसके बाद भाजी को बारीक काट लेना है. साथ ही प्याज काट लेना है. हल्दी, धनिया, लाल मिर्च को सिलबट्टे ता मिक्सी में पीसकर मसाला तैयार कर लेना है.
बेसन छन्नी से छानें
केशकली ने बताया, मसाला तैयार करने के बाद दही या छाछ में बेसन को मिक्स कर देना है. फिर चूल्हे में कढ़ाई रख देना है. कढ़ाई का पानी सूख जाने के बाद तेल डाल देना है. तेल को गर्म करने के बाद तेल में हींग डाल देना है. इसके बाद गर्म तेल में कटी हुई प्याज डाल देनी है. फिर पिसा मसाला डाल देना है. कुछ देर मसाला भूनने के बाद मलमला भाजी को डाल देना है. फिर मलमला तलने के बाद मिक्स बेसन दही या बेसन छाछ डाल देना है.
जितना पकेगा उतना स्वाद
केशकली ने बताया, लगभग आधा घंटा तक मलमला कढ़ी को पकना है. मलमला कढ़ी का स्वाद तभी आता है, जब इसको ज्यादा देर तक पकने दिया जाए. अगर आप मलमला कढ़ी गाढ़ी बनाना चाहते हैं तो आप आधा घंटा से भी ज्यादा पका सकते हैं. साथ ही कढ़ी को जितना ज्यादा धीमी आंच पर पकाएंगे, स्वाद उतना ही निखर कर आएगा.
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एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें
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