Bhang Ki Sabji: स्थानीय गृहिणी अनीता टम्टा बताती हैं कि सबसे पहले भांग के बीजों को हल्का भून लें. इसके बाद इन्हें सिलबट्टे या मिक्सी में पीसकर पेस्ट तैयार कर लें. कढ़ाही में सरसों के तेल को गरम कर उसमें जखिया या जीरा, हींग और सूखी लाल मिर्च का तड़का लगा लें, फिर कटी हुई लाई के पत्ते डालकर नमक और हल्दी के साथ अच्छी तरह पकाया जाता है.
भांग के बीजों के पानी के साथ पकाया जाता है
लाई पहाड़ी क्षेत्रों में उगने वाली हरी पत्तेदार सब्जी है, जो सर्दियों के मौसम में अधिक मिलती है. इसे भांग के बीजों के पानी के साथ पकाने की परंपरा वर्षों पुरानी है. भांग दाने सब्जी को न केवल खास स्वाद देते हैं, बल्कि इसे पौष्टिक भी बनाते हैं. भांग के बीजों से आने वाला हल्का नटी स्वाद और मखमली बनावट पहाड़ी रसोई की खास पहचान है, जो एक बार खाने वाले को बार-बार याद आती है.
क्या है बनाने का तरीका
स्थानीय गृहिणी अनीता टम्टा बताती हैं कि सबसे पहले भांग के बीजों को हल्का भून लें. इसके बाद इन्हें सिलबट्टे या मिक्सी में पीसकर पेस्ट तैयार कर लें. कढ़ाही में सरसों के तेल को गरम कर उसमें जखिया या जीरा, हींग और सूखी लाल मिर्च का तड़का लगा लें, फिर कटी हुई लाई के पत्ते डालकर नमक और हल्दी के साथ अच्छी तरह पकाया जाता है. जब पत्ते नरम हो जाते हैं, तब भांग के पेस्ट का केवल पानी छानकर सब्जी में डाल दें, धीमी आंच पर कुछ देर पका लें. इससे सब्जी का स्वाद और खुशबू दोनों बढ़ जाते हैं.
भांग के बीज में मिलता है प्रोटीन, फाइबर
आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. संगीता के अनुसार भांग के बीज प्रोटीन, फाइबर और अच्छे फैट से भरपूर होते हैं. ये पाचन को बेहतर बनाते हैं, शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं. लाई में मौजूद आयरन और विटामिन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं. इस तरह यह सब्जी स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी लाभकारी है. स्थानीय लोग मानते हैं कि भांग दाने वाली लाई केवल भोजन नहीं, बल्कि पहाड़ी संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है. उत्तराखंड की पारंपरिक थाली में यह सब्जी आज भी अपनी खास जगह बनाए हुए है. यही वजह है कि शहरों में रहने वाले लोग भी गांव लौटते ही इस स्वाद को जरूर याद करते हैं, और बनाने की डिमांड करते हैं.
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प्रशान्त राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं. प्रशांत राय पत्रकारिता में पिछले 8 साल से एक्टिव हैं. अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए प्रशांत राय फिलहाल न्यूज18 हिंदी के साथ पिछले तीन …और पढ़ें
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