IPL 2026 के हाई-वोल्टेज मुकाबले में कल यानी 5 अप्रैल को चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के बीच भिड़ंत होनी है। इस बड़े मैच से पहले बेंगलुरु के कप्तान रजत पाटीदार और विकेटकीपर बल्लेबाज जितेश शर्मा ने तिरुमला तिरुपति देवस्थानम पहुंचकर भगवान वेंकटेश्वर का आशीर्वाद लिया। दोनों खिलाड़ियों ने मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की और अपनी टीम की सफलता के लिए प्रार्थना की। पिछले सीजन (2025) में भी इन दोनों खिलाड़ियों ने इसी तरह तिरुपति जाकर मत्था टेका था, जो अब टीम के लिए एक नई परंपरा जैसा बनता जा रहा है। प्रशंसकों की उमड़ी भीड़, मंदिर में ली सेल्फी जब पाटीदार और जितेश मंदिर परिसर के भीतर थे, तो उन्हें देखने के लिए प्रशंसकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हालांकि, सुरक्षाकर्मियों ने स्थिति को संभाला और खिलाड़ियों के दर्शन में कोई बाधा नहीं आने दी। इस दौरान खिलाड़ियों ने मंदिर समिति के पुजारियों के साथ सेल्फी भी ली और कुछ समय वहां बिताया। 7 दिन के ब्रेक के बाद उतरेगी RCB रजत पाटीदार की कप्तानी में ‘प्ले बोल्ड’ आर्मी ने अपने अभियान की शुरुआत शानदार तरीके से की है। उन्होंने अपने घरेलू मैदान एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) को हराकर दबदबा बनाया था। इस जीत के बाद टीम को 7 दिनों का लंबा ब्रेक मिला है। अब अपना दूसरा मैच भी एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में चेन्नई के खिलाफ खेलेंगे। दूसरी ओर, चेन्नई सुपर किंग्स के लिए इस सीजन की शुरुआत किसी बुरे सपने जैसी रही है। ऋतुराज गायकवाड़ की कप्तानी वाली CSK को अपने शुरुआती दोनों मैचों में राजस्थान रॉयल्स और पंजाब किंग्स के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा है। आंकड़ों में चेन्नई आगे, लेकिन हालिया फॉर्म में बेंगलुरु का पलड़ा भारी RCB और CSK के बीच होने वाले इस मुकाबले को ‘साउदर्न डर्बी’ कहा जाता है, जिसमें दोनों शहरों की प्रतिष्ठा दांव पर होती है। अगर इतिहास की बात करें तो चेन्नई का पलड़ा भारी रहा है। दोनों के बीच हुए कुल 36 मैचों में से चेन्नई ने 22 जीते हैं, जबकि बेंगलुरु को 13 में जीत मिली है। वहीं, एक मैच बिना रिजल्ट का रहा।
हालांकि, हालिया रिकॉर्ड बेंगलुरु के पक्ष में जाता दिख रहा है। पिछले 4 मुकाबलों में RCB ने 3-1 की बढ़त बना रखी है। ——————————————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… युवराज बोले- धोनी के सच्चाई बताने के बाद लिया रिटायरमेंट:कप्तान विराट, कोच ने स्पष्ट नहीं किया था कि आगे टीम में लेंगे या नहीं 2011 वर्ल्ड कप के हीरो रहे युवराज सिंह ने एक इंटरव्यू में कहा कि धोनी से पता चला था कि अब चयनकर्ता उनके नाम पर विचार नहीं कर रहे हैं। इसके बाद ही युवराज ने 10 जून 2019 को क्रिकेट के सभी फॉर्मेट सें संन्यास ले लिया था। स्पोर्ट्स तक से बातचीत में युवराज ने कहा कि 36-37 साल की उम्र में जब वे टीम से अंदर-बाहर हो रहे थे, तब न तो नेशनल क्रिकेट एकेडमी (NCA), न ही कप्तान विराट कोहली और न ही कोच रवि शास्त्री ने उनसे सीधे बात की। पूरी खबर
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