कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने डॉलर के मुकाबले रुपए के स्तर के गिरने और इंस्ट्रीयल फ्यूल की कीमत बढ़ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। राहुल ने X पोस्ट में लिखा- रुपये का डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर 100 की तरफ बढ़ना और इंडस्ट्रियल फ्यूल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी, ये सिर्फ आंकड़े नहीं, आने वाली महंगाई के साफ संकेत हैं। उन्होंने लिखा कि सरकार चाहे इसे नॉर्मल बताए, लेकिन हकीकत ये है कि उत्पादन और ट्रांसपोर्ट महंगे होंगे, MSMEs को सबसे ज्यादा चोट लगेगी, रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ेंगे। राहुल ने लिखा किविदेशी संस्थागत निवेशक (FII) का पैसा और तेजी से बाहर जाएगा, जिससे शेयर बाजार पर दबाव बढ़ेगा। यानी हर परिवार की जेब पर इसका सीधा और गहरा असर पड़ना तय है। उन्होंने लिखा है कि सवाल यह नहीं कि सरकार क्या कह रही है, सवाल यह है कि आपकी थाली में क्या बचा है। 20 मार्च- प्रीमियम पेट्रोल के दाम बढ़े सरकारी तेल कंपनियों ने स्पीड और पावर जैसे प्रीमियम पेट्रोल की कीमतें ₹2.09-₹2.35 प्रति लीटर तक बढ़ाईं। एमपी के भोपाल में इसकी कीमत बढ़कर करीब ₹117 पहुंची है। हालांकि सामान्य पेट्रोल की कीमत में बदलाव नहीं किया गया। भारत पेट्रोलियम यानी BPCL प्रीमियम पेट्रोल को स्पीड नाम से बेचता है। वहीं हिंदुस्तान पेट्रोलियम यानी HPCL इसे पावर और इंडियन ऑइल यानी IOCL XP95 के नाम से इसे बेचता है। ये सामान्य पेट्रोल के मुकाबले करीब 10-12 रुपए महंगा होता है। इंडियन ऑयल ने अपने इंडस्ट्रियल फ्यूल की कीमत में भी 25% की बढ़ोतरी की गई। इसके दाम ₹87.67 प्रति लीटर से बढ़कर अब ₹109.59 प्रति लीटर हो गए। औद्योगिक डीजल के खरीदारों में रेलवे, रोडवेज बसें, बड़ी फैक्ट्रियां, अस्पताल और बड़े मॉल शामिल हैं। तेल कंपनियां ये डीजल टैंकरों के जरिए सीधे इन संस्थानों के निजी स्टोरेज टैंकों में भेजती हैं। पूरी खबर पढ़ें… रुपया 93.53 के रिकॉर्ड लो पर पहुंचा, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर 20 मार्च को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 64 पैसे कमजोर होकर 93.53 प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंचा। बाजार के जानकारों का कहना था कि दुनिया भर में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल की वजह से घरेलू करेंसी पर है।
………………… यह खबर भी पढ़ें… लोकलसर्किल्स का दावा- 20% लोग सिलेंडर ब्लैक में खरीद रहे: ₹4,000 तक ज्यादा देना पड़ रहा, 68% घरों में समय पर नहीं पहुंच रही गैस रसोई गैस की कमी के कारण देश में सिलेंडर की कालाबाजारी बढ़ गई है। गैस की कमी और डिलीवरी में देरी की वजह से देश के करीब 20% परिवारों को ब्लैक में सिलेंडर खरीदना पड़ रहा है। इसके लिए लोगों को एक घरेलू सिलेंडर के 4000 रुपए तक देने पड़ रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…
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