विदेशी खिलाड़ियों के अनुबंध पर हस्ताक्षर करने के बावजूद नाम वापस लेने के कारण दो नई टीमों के साथ पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) की मेजबानी करना पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के लिए लॉजिस्टिक्स (आयोजन संबंधी) और अनुबंध संबंधी परेशानियों का सबब बनता जा रहा है।
विदेशी खिलाड़ी अधिक आकर्षक इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) से करार मिलने के बाद पीएसएल को छोड़ रहे हैं।
दो नई फ्रेंचाइजी को शामिल करने के साथ विस्तारित पीएसएल बृहस्पतिवार को लाहौर में शुरू होने वाली है। यह आईपीएल के 28 मार्च को शुरू होने से दो दिन पहले है। इस तरह इन दोनों लीगों का आयोजन एक साथ होगा। पीएसएल तीन मई तक चलेगा, जबकि आईपीएल का पूरा कार्यक्रम अभी जारी नहीं हुआ है, लेकिन यह मई के अंतिम या जून के शुरुआती सप्ताह तक चल सकता है।
एक विश्वसनीय सूत्र के अनुसार, पीसीबी न केवल खिलाड़ियों द्वारा अनुबंधों के उल्लंघन से जूझ रहा है, बल्कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से उत्पन्न परिस्थितियों के कारण कुछ खिलाड़ियों द्वारा अंतिम समय में फीस बढ़ाने की मांग से भी परेशान है।
सूत्र ने बताया, ‘‘पीसीबी इस समय पीएसएल को निर्धारित समय पर आयोजित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है और उसने अभी तक नाम वापस लेने वाले विदेशी खिलाड़ियों के खिलाफ कोई कार्रवाई तय नहीं की है।’’
नाम वापस लेने वाले खिलाड़ियों पर दो से चार साल तक का प्रतिबंध लगाने के बारे में आंतरिक चर्चा हुई है, लेकिन चिंता बनी हुई है कि ऐसे उपाय भविष्य में शीर्ष विदेशी प्रतिभाओं को पीएसएल फ्रेंचाइजी के साथ अनुबंध करने से और भी हतोत्साहित कर सकते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे में एक तर्क यह भी है कि प्रतिबंधों से पीएसएल के आगामी सत्रों के लिए बड़े विदेशी खिलाड़ियों से करार करना और भी मुश्किल हो जाएगा।’’
सूत्र ने स्वीकार किया कि दोनों लीगों के बीच वित्तीय असमानता एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
कई खिलाड़ी चोट से जूझ रहे आईपीएल में काफी अधिक वेतन पैकेज दिए जा रहे हैं, जबकि पीएसएल फ्रेंचाइजी उन वेतन पैकेजों का मुकाबला करने के लिए संघर्ष कर रही हैं।
पीसीबी ने पिछले साल अनुबंध उल्लंघन के लिए दक्षिण अफ्रीका के कॉर्बिन बॉश के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की थी और उन पर एक साल का प्रतिबंध लगाया था।
यह कदम हालांकि प्रभावी साबित नहीं हुआ, क्योंकि बॉश ने पीएसएल खिलाड़ी ड्राफ्ट में शामिल होने से पहले ही अगली नीलामी में आईपीएल अनुबंध हासिल कर लिया।
पीसीबी द्वारा इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के अन्य सदस्यों के समक्ष भी उठाने की उम्मीद है, ताकि एक मजबूत ढांचा तैयार किया जा सके, जो यह सुनिश्चित करे कि खिलाड़ी किसी लीग में शामिल होने के बाद अपने अनुबंध संबंधी दायित्वों का पालन करें।
इस वर्ष के पीएसएल से अनुबंध पर हस्ताक्षर करने के बाद नाम वापस लेने वाले विदेशी खिलाड़ियों में वेस्टइंडीज के गुडाकेश मोती और जॉनसन चार्ल्स, श्रीलंका के दासुन शनाका, जिम्बाब्वे के ब्लेसिंग मुजरबानी, ऑस्ट्रेलिया के स्पेंसर जॉनसन और जेक फ्रेजर-मैकगर्क, दक्षिण अफ्रीका के ओटनेल बार्टमैन, अफगानिस्तान के रहमानुल्लाह गुरबाज और इंग्लैंड के टायमल मिल्स शामिल हैं।
इस बीच ऑस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ और मार्नुस लाबुशेन, न्यूजीलैंड के मार्क चैपमैन और डेवोन कॉन्वे कुछ अन्य विदेशी खिलाड़ियों के साथ पीएसएल में भाग लेने के लिए लाहौर पहुंच गए हैं।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के पीएसएल सचिवालय के एक अधिकारी ने बताया कि अगले 48 घंटों में और भी विदेशी खिलाड़ियों और कोचिंग दल के सदस्यों के पहुंचने की उम्मीद है।
इसमें ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान टिम पेन और उनका स्टाफ भी शामिल है।
पीसीबी ने रविवार को घोषणा की कि क्षेत्र में चल रहे संघर्ष और सरकार द्वारा खर्च कम करने के उपायों के कारण पीएसएल मैच दर्शकों के बिना आयोजित किए जाएंगे।
बोर्ड ने उद्घाटन समारोह भी रद्द कर दिया और आयोजन को केवल दो स्थानों (लाहौर और कराची) तक सीमित कर दिया।
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.