Property Investment: आज के समय में घर खरीदना एक बड़ा फैसला बन गया है. दिल्ली-एनसीआर समेत देशभर में लोग बड़े बिल्डरों से फ्लैट खरीद रहे हैं, लेकिन लाखों-करोड़ों रुपये लगाने से पहले यह सवाल जरूर उठता है कि क्या इससे सही रिटर्न मिलेगा. कई लोग किराए के घर में रहना पसंद करते हैं, इसलिए दुविधा रहती है कि फ्लैट खरीदें, किराए पर रहें या प्लॉट लें. यह फैसला आपकी जरूरत, लाइफस्टाइल, टैक्स और लोन की स्थिति पर निर्भर करता है. फ्लैट खरीदने से सोसाइटी की सुविधाएं मिलती हैं, लेकिन इसकी कीमत 1-2 करोड़ तक हो सकती है, जिसके लिए लंबा होम लोन लेना पड़ता है.
फ्लैट खरीदना आज बहुत आम हो गया है. बड़े सोसाइटी में रहने का मजा मिलता है जहां स्विमिंग पूल, जिम, पार्क जैसी सुविधाएं होती हैं. लेकिन फ्लैट की कीमत 1-2 करोड़ तक होती है तो लोन लेना पड़ता है. 10-15 साल तक ईएमआई भरनी पड़ती है और ब्याज के साथ कुल रकम 1.35-1.40 करोड़ तक पहुंच जाती है. महीने की ईएमआई 2.5 लाख तक हो सकती है. इतने सालों तक लोन चुकाने में पूरी जिंदगी निकल जाती है और बचत भी फ्लैट में ही लग जाती है. अगर प्रोजेक्ट में कोई समस्या आई तो बहुत तनाव होता है. साथ ही फ्लैट की वैल्यू और इस्तेमाल समय के साथ कम होता जाता है.
किराए के घर में रहने का फायदा
किराए के घर में रहना एक आसान विकल्प लगता है. नौकरी बदलने या शहर बदलने पर आसानी से शिफ्ट हो सकते हैं. कोई बड़ा लोन या ईएमआई का बोझ नहीं होता. मकान मालिक बड़े मरम्मत का खर्च उठाता है. घर टैक्स भी नहीं भरना पड़ता. इससे बजट अच्छे से मैनेज होता है और बचत ज्यादा की जा सकती है. किराए पर रहकर पैसा कहीं और निवेश कर सकते हैं. लेकिन मालिकाना हक नहीं मिलता और किराया बढ़ने का डर रहता है.
प्लॉट खरीदने का फायदा
प्लॉट खरीदना अब बहुत से लोगों की पसंद बन रहा है. प्लॉट मतलब अभी कम डेवलप हुई जमीन का टुकड़ा. इसमें अपना सपनों का घर बनाने की पूरी आजादी मिलती है. प्लॉट रेजिडेंशियल, कमर्शियल या एग्रीकल्चरल हो सकते हैं. जमीन हमेशा स्थायी एसेट रहती है. जरूरत पड़ने पर स्ट्रक्चर बदल सकते हैं लेकिन जमीन का मालिकाना हक बना रहता है. आस-पास इलाका डेवलप होने पर जमीन की कीमत तेजी से बढ़ती है. लंबे समय में अच्छा मुनाफा देती है.
प्लॉट में निवेश ज्यादा सुरक्षित और फायदेमंद माना जाता है. फ्लैट में ईएमआई का बोझ रहता है लेकिन प्लॉट में ऐसा नहीं. जमीन की वैल्यू बढ़ने से भविष्य में अच्छा रिटर्न मिलता है. हालांकि प्लॉट कम डेवलप इलाके में होता है तो घर बनाने में समय और मेहनत लगती है. लेकिन कुल मिलाकर प्लॉट ज्यादा फ्लेक्सिबल और प्रॉफिटेबल लगता है.
फ्लैट खरीदने से क्या फायदे मिलता है?
फ्लैट में तुरंत रहने की सुविधा मिलती है लेकिन लोन और डेप्रिसिएशन का नुकसान होता है. किराए में फ्रीडम मिलती है लेकिन कोई एसेट नहीं बनता. प्लॉट में लंबे समय का फायदा और सुरक्षा ज्यादा है. इसलिए अगर आप लंबी प्लानिंग कर रहे हैं तो प्लॉट बेहतर लगता है. लेकिन एक गलत फैसला पूरी जिंदगी पर भारी पड़ सकता है. इसलिए अपनी जरूरत, बजट और भविष्य की सोचकर फैसला लें. प्रॉपर्टी में निवेश करना आसान नहीं होता है तो सही से जांच-पड़ताल करके ही कदम उठाएं.
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