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एक्टर प्रकाश राज ने उनकी मां सुवर्णलता राज के निधन के बाद अंतिम संस्कार करने को लेकर उठे सवालों का जवाब दिया। सोशल मीडिया पर आलोचना के बीच उन्होंने कहा कि वह भले नास्तिक हों, लेकिन उनकी मां के विश्वास का सम्मान करना जरूरी था।
प्रकाश राज की मां सुवर्णलता राज का 86 साल की उम्र में स्वास्थ्य समस्याओं के चलते निधन हो गया। 31 मार्च को बेंगलुरु के सेंट माइकल चर्च में फ्यूनरल मास के बाद उन्हें सेक्रेड हार्ट कब्रिस्तान में दफनाया गया। इस दौरान परिवार और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े करीबी लोग मौजूद रहे।
सोशल मीडिया पर इस बीच उनका एक पुराना इंटरव्यू क्लिप वायरल हो गया, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह भगवान में विश्वास नहीं करते। इसी को लेकर यूजर्स ने सवाल उठाए कि खुद को नास्तिक बताने वाले एक्टर ने धार्मिक रीति-रिवाजों से अंतिम संस्कार क्यों किया।

इस पर प्रकाश राज ने X पर लिखा, “हां, मैं भगवान में विश्वास नहीं करता… लेकिन मेरी मां अपने भगवान में विश्वास करती थीं। मैं कौन होता हूं उन्हें उनके विश्वास के अनुसार दफनाए जाने के अधिकार से रोकने वाला? यही वह बुनियादी सम्मान है जो हम एक-दूसरे को देते हैं। क्या नफरत फैलाने वाले लोग इसे समझ पाएंगे?”

वायरल हो रहा वीडियो ‘लल्लनटॉप’ को दिए गए उनके इंटरव्यू का है, जिसमें उन्होंने अपने बिलीफ सिस्टम पर बात करते हुए कहा था कि वह भगवान में विश्वास नहीं करते और इंसानों के बीच ही जीना समझते हैं।
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