बजट 2026 में प्रस्ताव दिया गया है कि ‘उचित मुआवजा और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम (RFCTLARR), 2013’ के तहत अनिवार्य रूप से अधिग्रहित की गई जमीन के बदले मिलने वाले किसी भी मुआवजे या समझौते की राशि पर कोई आयकर नहीं लगेगा. यह छूट 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी और इसका उद्देश्य आयकर कानून को अधिग्रहण कानून के साथ पूरी तरह संरेखित करना है.
यह बदलाव 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा, जिसका सीधा मतलब है कि इसके बाद मिलने वाले मुआवजे पर आयकर की देनदारी नहीं बनेगी. अब तक इस छूट के लिए जमीन मालिकों को सीबीडीटी (CBDT) के पुराने सर्कुलर या अदालती फैसलों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब इसे सीधे कानून का हिस्सा बना दिया गया है. इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और जमीन मालिकों को उनकी मेहनत की कमाई का पूरा हिस्सा बिना टैक्स की चिंता के मिल सकेगा.
क्या है बजट 2026 का नया प्रस्ताव?
अब तक आरएफसीटीएलएआरआर (RFCTLARR) अधिनियम की धारा 96 मुआवजे पर टैक्स छूट की बात कहती थी, लेकिन आयकर अधिनियम में इसका स्पष्ट उल्लेख न होने से अक्सर विवाद की स्थिति पैदा होती थी. बजट 2026 के माध्यम से सरकार ने आयकर अधिनियम, 2025 के शेड्यूल III में संशोधन का प्रस्ताव दिया है. इसके तहत 1 अप्रैल 2026 को या उसके बाद किए गए किसी भी समझौते या अवॉर्ड के तहत प्राप्त आय को पूरी तरह टैक्स फ्री कर दिया गया है.
जमीन मालिकों पर इसका सीधा असर
इस संशोधन के बाद जमीन मालिकों को निम्नलिखित बड़े फायदे मिलेंगे:
- कानूनी स्पष्टता: अब टैक्स छूट के लिए किसी सर्कुलर या व्याख्या (Interpretation) पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होगी. यह एक वैधानिक अधिकार बन गया है.
- विवादों में कमी: आयकर विभाग और करदाताओं के बीच मुआवजे की राशि को लेकर होने वाली कानूनी लड़ाइयां अब खत्म हो जाएंगी.
- कृषि और गैर-कृषि दोनों पर लाभ: पहले कृषि भूमि के लिए कुछ विशिष्ट छूट थीं, लेकिन अब इस कानून के दायरे में आने वाली हर तरह की जमीन (धारा 46 के मामलों को छोड़कर) के मुआवजे पर राहत मिलेगी.
धारा 46 का अपवाद क्या है?
ध्यान देने वाली बात यह है कि यह टैक्स छूट उन मामलों में लागू नहीं होगी जो आरएफसीटीएलएआरआर (RFCTLARR) अधिनियम की धारा 46 के तहत आते हैं. धारा 46 मुख्य रूप से निजी कंपनियों द्वारा सीधे समझौतों के माध्यम से खरीदी गई जमीन से संबंधित है. यदि कोई निजी कंपनी बड़े प्रोजेक्ट के लिए जमीन खरीदती है, तो उस पर सामान्य टैक्स नियम लागू हो सकते हैं.
बजट 2026 और टैक्स राहत
- प्रभावी तारीख: यह नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा (टैक्स वर्ष 2026-27 के लिए).
- पूर्ण छूट: मुआवजे पर लगने वाला कैपिटल गेन्स टैक्स और अन्य आयकर पूरी तरह माफ.
- सर्कुलर से कानून तक: अब तक यह राहत केवल 2016 के सीबीडीटी सर्कुलर के भरोसे थी, अब कानून बन गई है.
- पारदर्शिता: सरकारी प्रोजेक्ट्स जैसे नेशनल हाईवे या रेलवे के लिए अधिग्रहित जमीन के मालिकों को अब मुआवजे की पूरी राशि (73 लाख या उससे अधिक) बिना कटौती के मिल सकेगी.
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जय ठाकुर 2018 से खबरों की दुनिया से जुड़े हुए हैं. 2022 से News18Hindi में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं और बिजनेस टीम का हिस्सा हैं. बिजनेस, विशेषकर शेयर बाजार से जुड़ी खबरों में रुचि है. इसके अलावा दे…और पढ़ें
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