संसद का जारी बजट सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित नहीं किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक संसद के अप्रैल के तीसरे सप्ताह में पुनः सत्र शुरू होने की संभावना है। प्रमुख एजेंडा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन और परिसीमन आयोग विधेयक का परिचय शामिल हो सकता है। माना जा रहा है कि स्थगन के समय तिथियों की घोषणा की जाएगी। इस विधेयक में लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 816 करने का प्रस्ताव है, जिनमें से 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
इसे भी पढ़ें: Sansad Diary: Jan Vishwas Bill को BJP ने बताया Game Changer, विपक्ष ने उठाए सवाल
यह कदम नारी शक्ति वंदन अधिनियम के बाद उठाया गया है, जिसका उद्देश्य महिलाओं के लिए 33% आरक्षण सुनिश्चित करना है। इसे 2011 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर परिसीमन के बाद लागू किया जाना है। सरकार इन परिवर्तनों को 31 मार्च, 2029 तक लागू करने के लिए संसद की मंजूरी का इंतजार कर रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एनडीए के कुछ घटक दलों और चुनिंदा विपक्षी नेताओं से इस मामले पर चर्चा की है, हालांकि कांग्रेस और टीएमसी जैसी प्रमुख पार्टियों से अभी तक परामर्श नहीं किया गया है। एक निष्पक्ष परिसीमन आयोग निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्गठन की देखरेख करेगा, जिसमें महिला राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इस बीच केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को लोकसभा में कहा कि जन विश्वास विधेयक का उद्देश्य भरोसे की एक संस्कृति बनाना है और ‘‘विश्वास की संस्कृति’’ भय के आधार पर नहीं, बल्कि कर्तव्य के आधार पर बनेगी। उन्होंने कहा कि इस प्रस्तावित कानून को इसी सोच के साथ लाया जा रहा है। गोयल ने ‘जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक, 2026’ पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि प्रस्तावित कानून में सबसे बड़ा यह प्रावधान किया गया है कि यह आपको सुधरने का मौका देता है।
इसे भी पढ़ें: ‘आपके PM कहाँ थे?’ Kharge के सवाल पर घमासान, Rijiju बोले- All-Party Meeting से आप भी गायब थे।
गोयल के जवाब के बाद सदन ने कुछ विपक्षी सदस्यों के संशोधनों को खारिज करते हुए विधेयक को ध्वनिमत से मंजूरी प्रदान कर दी। उन्होंने कहा कि कई ऐसे प्रावधान हैं, जिनमें छोटी-मोटी गलती होने पर पहले चेतावनी दी जाएगी। दूसरी बार, गलती की तो दंड लगेगा और फिर यदि कुछ और गंभीर गलती करते हैं तो तीसरी बार दंड बढ़ जाएगा और अदालती कार्यवाही का सामना करना पड़ेगा। मंत्री ने कहा कि इसे ‘चरणबद्ध कार्रवाई’ कहा जाता है और इससे व्यक्ति को सुधरने का मौका मिलेगा।
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.