गुप्ता को जून 2024 में चेक गणराज्य से अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया था और उनकी पहली पेशी मजिस्ट्रेट न्यायाधीश जेम्स कॉट के समक्ष मैनहट्टन संघीय अदालत में हुई थी। अदालत में पेशी के दौरान, उन्होंने पूर्व में खुद को निर्दोष बताया था।
मजिस्ट्रेट न्यायाधीश सारा नेटबर्न ने सिफारिश की कि जिला न्यायाधीश मैरेरो याचिका स्वीकार करें। सुनवाई की तारीख 15 मार्च तय की गई है।
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गुप्ता को जून 2024 में चेक गणराज्य से अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया था और उनकी पहली पेशी मजिस्ट्रेट न्यायाधीश जेम्स कॉट के समक्ष मैनहट्टन संघीय अदालत में हुई थी।
अदालत में पेशी के दौरान, उन्होंने पूर्व में खुद को निर्दोष बताया था।
गुप्ता को चेक गणराज्य में अमेरिका सरकार के अनुरोध पर गिरफ्तार किया गया था। उन पर न्यूयॉर्क में खालिस्तानी अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश रचने में शामिल होने का आरोप था।
पन्नू के पास अमेरिका और कनाडा दोनों देशों की नागरिकता है।
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अंतरराष्ट्रीय प्रभाव
इस मामले ने भारत और अमेरिका के राजनयिक संबंधों के बीच काफी चर्चा पैदा की थी। अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि इस साजिश में एक भारतीय सरकारी कर्मचारी के शामिल होने के भी संकेत मिले थे, हालांकि भारत सरकार ने आधिकारिक तौर पर इस तरह की किसी भी संलिप्तता से इनकार किया है और मामले की उच्च स्तरीय जांच के लिए एक समिति गठित की है।
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