पुराने मॉडल की ओर वापसी
दरअसल, नोकिया के इस कड़े फैसले की वजह कामकाज को सरल बनाना और खर्च कम करना है। क्योंकि कंपनी ने साल 2023 में एक ‘वर्टिकल मॉडल’ (Vertical Model) अपनाया था, जिसका मकसद अलग-अलग विभागों को अधिक स्वायत्तता देना था। हालांकि, इस मॉडल से कंपनी को वे परिणाम नहीं मिले जिसकी उम्मीद थी।
ऐसे में कंपनी अब वापस अपने पुराने ‘होरिजॉन्टल स्ट्रक्चर’ (Horizontal Structure) की ओर लौट रही है। इस नए बदलाव के तहत कंपनी को दो हिस्सों में बांटा जाएगा: नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर और मोबाइल इंफ्रास्ट्रक्चर।
क्या है छंटनी की असली वजह?
सूत्रों के अनुसार, कंपनी के ‘क्लाउड एंड नेटवर्क सर्विसेज’ (CNS) और ‘मोबाइल नेटवर्क्स’ (MN) विभागों के विलय की प्रक्रिया चल रही है। इस विलय के कारण कई ऐसे पद बन गए हैं जहां एक ही तरह का काम दो अलग-अलग लोग या टीमें कर रही हैं। इसलिए, लागत कम करने के लिए ऐसे पदों को खत्म किया जा रहा है। इसके अलावा, भारत में नोकिया के प्रदर्शन में भी गिरावट देखी गई है। साल 2025 की चौथी तिमाही में कंपनी की शुद्ध बिक्री में सालाना आधार पर 15% की गिरावट दर्ज की गई।
किन लोगों पर पड़ेगा असर?
रिपोर्ट के अनुसार, इस छंटनी का असर सेल्स, मैनेजमेंट और टेक्निकल टीमों सहित कई विभागों पर पड़ सकता है। खास तौर पर वे पद ज्यादा प्रभावित होंगे जो पिछले रीस्ट्रक्चरिंग के दौरान बनाए गए थे। इसके अलावा, कुछ कर्मचारियों को दूसरे रोल में शिफ्ट करने या नए अवसर देने की भी कोशिश की जा सकती है, लेकिन बड़ी संख्या में कटौती संभव है।
भारतीय नेतृत्व में बड़ा बदलाव
छंटनी के साथ-साथ नोकिया इंडिया ने अपने शीर्ष नेतृत्व में भी बड़े फेरबदल किए हैं। कंपनी ने एक नया ‘डुअल-लीडरशिप’ मॉडल पेश किया है। समर मित्तल को ‘इंडिया कंट्री बिजनेस लीडर’ के रूप में प्रमोट किया गया है, जो बिजनेस स्ट्रैटेजी और गो-टू-मार्केट योजनाओं को संभालेंगे। वहीं, विभा मेहरा को ‘इंडिया कंट्री मैनेजर’ की जिम्मेदारी दी गई है, जो सरकारी संबंधों और कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (CSR) जैसे कार्यों को देखेंगी। यह बदलाव 1 अप्रैल 2026 से लागू हो जाएंगे, जबकि पुराने इंडिया कंट्री हेड तरुण छाबड़ा पद छोड़ चुके हैं।
कर्मचारियों की संख्या में लगातार कमी
कंपनी के पिछले आंकड़ें देखें तो कुछ सालों में नोकिया ने अपनी लागत को नियंत्रित करने के लिए लगातार कर्मचारियों की संख्या कम की है। 2018 में अल्काटेल-ल्यूसेंट के अधिग्रहण के समय कंपनी के पास 1,03,000 कर्मचारी थे, जो 2024 तक घटकर 75,600 रह गए। अब 2025 के अंत और 2026 की शुरुआत तक यह संख्या 74,100 के करीब पहुंच चुकी है।
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.