फाइनल मुकाबले में वढेरा ने 18 गेंदों पर 15 रन बनाए थे। स्कोरकार्ड पर यह पारी साधारण दिखती है, लेकिन मौजूद जानकारी के अनुसार वह तब बल्लेबाजी करने आए थे जब टीम 79/3 के स्कोर पर दबाव में थी और थोड़ी ही देर में 98/4 हो गया। टीम के प्रमुख बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे। ऐसे में उन्होंने मैच को अंत तक ले जाने की कोशिश की, जैसा कि कई युवा खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी को देखकर सीखते आए हैं, लेकिन योजना सफल नहीं हो सकी।
गौरतलब है कि उस हार के बाद वढेरा ने आत्ममंथन का रास्ता चुना। यूएई से बातचीत में उन्होंने कहा कि अगर वह उस अनुभव से कुछ नहीं सीखते तो वहीं के वहीं खड़े रह जाते। उनके मुताबिक उन्होंने अपनी कमियों पर काम किया है और इस बार शब्दों से ज्यादा अपने खेल से बदलाव दिखाना चाहते हैं। उनका कहना है कि दबाव की परिस्थितियों में बेहतर निष्पादन ही किसी खिलाड़ी को भारत के लिए खेलने के स्तर तक पहुंचाता है और इस सीजन वह इसी सोच के साथ उतरेंगे।
बता दें कि पंजाब किंग्स इस बार नया सीजन शुरू होने से पहले अबू धाबी में विशेष प्रशिक्षण शिविर लगा रही है। वढेरा ने बताया कि यह टीम का भारत से बाहर पहला आउटडोर कैंप है, जहां फिटनेस, डाइट, स्किल ट्रेनिंग, रिकवरी और रिहैबिलिटेशन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। खिलाड़ियों के लिए स्टीम बाथ और आइस बाथ जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे तैयारी को व्यापक रूप दिया जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत में इस समय विश्व कप के कारण व्यस्त कार्यक्रम और उत्तर भारत में ठंडे मौसम को देखते हुए अबू धाबी उपयुक्त विकल्प रहा। प्रबंधन और यूएई क्रिकेट एसोसिएशन ने टीम की जरूरतों का पूरा ध्यान रखा है और अपेक्षा से अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं।
मौजूद जानकारी के अनुसार आईपीएल 2026 का आगाज मार्च के तीसरे सप्ताह में होने की संभावना है। ऐसे में पंजाब किंग्स के लिए यह तैयारी का चरण अहम माना जा रहा है। पिछले सीजन की निराशा को पीछे छोड़ते हुए टीम इस बार खिताब की दावेदार बनने की कोशिश में जुटी है और युवा खिलाड़ियों पर खास नजर रहेगी।
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