मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के चलते भारत ने शुक्रवार (13 मार्च) को प्रभावित विदेशी नागरिकों का वीजा 30 दिनों के लिए एक्सटेंड कर दिया है. इसके साथ ही तय समय से अधिक ठहरने पर विदेशी नागरिकों पर लगने वाले जुर्माने को माफ करने की भी घोषणा की.
दुबई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने शुक्रवार शाम को एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से यह घोषणा की. नियमों में दी गई ये छूट सभी प्रकार के वीजा- नियमित वीजा और ई-वीजा पर लागू है. यह घोषणा मिडिल ईस्ट में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमले के कारण पैदा हुए संकट के बीच आई है, जिसने क्षेत्र में एक बड़े संघर्ष को जन्म दिया.
घोषणा में क्या कहा गया
वीजा विस्तार और जुर्माना माफी खाड़ी देशों सहित अन्य विदेशी नागरिकों पर भी लागू होगी. दुबई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने कहा कि सभी प्रकार के वीजा और ई-वीजा जिनकी वैधता समाप्त हो रही है या जल्द ही समाप्त होने वाली है, उन्हें प्रभावित नागरिकों के लिए एक महीने के लिए बढ़ा दिया जाएगा. यह विस्तार विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) द्वारा मामले-दर-मामले के आधार पर दिया जाएगा.
प्रभावित विदेशी नागरिकों के 28 फरवरी, 2026 के बाद तय सीमा से अधिक समय तक रहने पर लगने वाले जुर्माने को भी माफ कर दिया गया है. भारतीय अधिकारियों ने फंसे हुए विदेशी नागरिकों को बिना किसी चार्ज के एग्जिट परमिट और अस्थायी लैंडिंग परमिट में छूट देने की घोषणा की है.
‘एग्जिट परमिट फ्री किए जाएंगे’
वाणिज्य दूतावास ने आगे घोषणा की कि प्रभावित विदेशियों को एग्जिट परमिट फ्री किए जाएंगे. इस मामले में विदेशियों द्वारा एग्जिट परमिट के लिए आवेदन न करना और वीजा एक्सटेंड कराना कानून का उल्लंघन नहीं माना जाएगा. इसके अलावा भारत ने उड़ानों के मार्ग परिवर्तन के कारण भारत आने वाले एक विदेशी नागरिक को अस्थायी लैंडिंग परमिट (टीएलपी) देने की भी घोषणा की है.
संघर्ष शुरू होने के तुरंत बाद भारत ने 1 मार्च को देश में मौजूद विदेशी नागरिकों से वीजा एक्सटेंड के लिए संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने को कहा. विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक सलाह जारी कर विदेशी नागरिकों से अपील की कि अगर उन्हें वीजा विस्तार में सहायता की आवश्यकता हो तो वे निकटतम विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) से संपर्क करें.
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