भारत के रूफटॉप सोलर मिशन को वर्ल्ड बैंक ग्रुप से करीब 198 मिलियन डॉलर (1,795 करोड़ रुपये से अधिक) की बड़ी गारंटी मिली है, जिससे एसबीआई के जरिए सोलर प्रोजेक्ट्स के लिए फंडिंग और सस्ती हो जाएगी. यह गारंटी 500 मिलियन डॉलर के लोन के रीफाइनेंसिंग को सपोर्ट करेगी, जिससे भारत के कमर्शियल और इंडस्ट्रियल सोलर प्रोजेक्ट्स को बड़ा बूस्ट मिलेगा.
इस फंडिंग का मकसद भारत में ग्रिड से जुड़े रूफटॉप सोलर सिस्टम्स को बढ़ावा देना है, खासकर कमर्शियल और इंडस्ट्रियल यूजर्स के लिए. रूफटॉप सोलर प्रोजेक्ट्स से महंगे और कार्बन इंटेंसिव थर्मल पावर की जगह साफ ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़ेगा, जिससे ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन कम होगा.
भारत के नेट जीरो प्लान के लिए क्यों अहम है यह डील
भारत ने 2070 तक नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य रखा है, जिसके लिए हर साल 160 बिलियन डॉलर से 300 बिलियन डॉलर तक के निवेश की जरूरत बताई गई है. एसबीआई को निर्देश दिया गया है कि वह अपनी घरेलू लोन बुक का कम से कम 7.5 प्रतिशत ग्रीन फाइनेंसिंग में लगाए. वर्ल्ड बैंक और एमआईजीए की यह गारंटी एसबीआई की रिन्यूएबल एनर्जी लोन पोर्टफोलियो को बढ़ाने और सस्ती फंडिंग जुटाने में मदद करेगी.
रूफटॉप सोलर प्रोग्राम की अब तक की प्रोग्रेस
एसबीआई ने यह रूफटॉप सोलर प्रोग्राम 2016 में वर्ल्ड बैंक की फंडिंग और टेक्निकल सपोर्ट के साथ शुरू किया था. इस प्रोग्राम के तहत अब तक करीब 1004 मेगावाट ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन किए जा चुके हैं. वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रोग्राम ने इंटरनेशनल कमर्शियल लेंडर्स और प्राइवेट फाइनेंस को भारत के सोलर सेक्टर में आकर्षित करने में अहम भूमिका निभाई है.
सिटी और एसबीआई की साझेदारी का क्या मतलब
इस ट्रांजैक्शन में सिटीबैंक ने सोल लेंडर और लीड अरेंजर की भूमिका निभाई है. इससे एसबीआई को अपनी उधारी लागत कम करने और फंडिंग सोर्सेज को डायवर्सिफाई करने में मदद मिलेगी. एमआईजीए का कहना है कि यह गारंटी वर्ल्ड बैंक के बैलेंस शीट से लोन को कमर्शियल लेंडर्स की बैलेंस शीट में ट्रांसफर करने में मदद करेगी, जिससे भारत सरकार के लिए भविष्य में और वर्ल्ड बैंक लोन की गुंजाइश बनेगी.
ग्लोबल पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप का बड़ा उदाहरण
यह डील पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर की साझेदारी का बड़ा उदाहरण मानी जा रही है. सिटी और वर्ल्ड बैंक ग्रुप के अधिकारियों ने कहा है कि यह ट्रांजैक्शन भारत के ग्रीन ट्रांजिशन और क्लीन एनर्जी इकोनॉमी को मजबूत करेगा. एसबीआई के एमडी ने इसे पायनियरिंग ट्रांजैक्शन बताया है, जो भारत के कार्बन फुटप्रिंट को कम करने और सस्टेनेबल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने में मदद करेगा.
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जय ठाकुर 2018 से खबरों की दुनिया से जुड़े हुए हैं. 2022 से News18Hindi में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं और बिजनेस टीम का हिस्सा हैं. बिजनेस, विशेषकर शेयर बाजार से जुड़ी खबरों में रुचि है. इसके अलावा दे…और पढ़ें
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