बॉम्बे हाई कोर्ट ने 12 फरवरी 2026 को सुनवाई के दौरान विजय माल्या से कहा कि अगर वे अपनी याचिका पर सुनवाई चाहते हैं तो उन्हें भारत वापस आना होगा, अन्यथा कोर्ट उनकी याचिका नहीं सुनेगा. माल्या फिलहाल ब्रिटेन में हैं और उन्हें फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर्स एक्ट 2018 के तहत फरार आर्थिक अपराधी घोषित किया जा चुका है. वे किंगफिशर एयरलाइंस के हजारों करोड़ रुपये के कर्ज मामले में आरोपी हैं. भारत सरकार उनके प्रत्यर्पण की कोशिश कर रही है और लंदन में इस मामले की सुनवाई अंतिम चरण में है.
विजय माल्या ब्रिटेन में फरार हैं. वो फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर्स एक्ट 2018 के तहत फरार आर्थिक अपराधी घोषित किए गए हैं. ये एक्ट ऐसे लोगों के खिलाफ है जो बड़े कर्ज डिफॉल्ट करके देश छोड़कर भाग जाते हैं. माल्या किंगफिशर एयरलाइंस के कर्ज न चुकाने के मामले में आरोपी हैं. बैंक से हजारों करोड़ का लोन लिया था जो वापस नहीं किया. भारत सरकार उनकी प्रत्यर्पण यानी एक्सट्राडिशन की कोशिश कर रही है. लंदन में सुनवाई अंतिम चरण में है.
कब होगी अगली सुनवाई?
पीठ ने मामले की अगली सुनवाई 18 फरवरी को तय की है. कोर्ट ने कहा कि वह माल्या को एक और मौका दे रही है ताकि वह साफ करें कि क्या वे भारत लौटने के लिए तैयार हैं या नहीं. विजय माल्या ने फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर्स एक्ट की वैधता को चुनौती दी है और फरार घोषित होने की कार्रवाई को रद्द करने की याचिका दाखिल की. दिसंबर 2025 में कोर्ट ने उन्हें हलफनामा दाखिल करने को कहा था कि वो भारत कब वापस आने का इरादा रखते हैं. लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया. आज उनकी तरफ से सीनियर एडवोकेट अमित देसाई ने कहा कि एक जजमेंट के आधार पर बिना वापस आए भी सुनवाई हो सकती है. कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया. साथ ही, बेंच ने कहा कि आप कोर्ट की प्रक्रिया से बच रहे हैं इसलिए इस याचिका का फायदा नहीं उठा सकते.
कोर्ट ने दिया एक और मौका
कोर्ट ने कहा, “आपको वापस आना होगा. अगर नहीं आ सकते तो हम ये याचिका नहीं सुनेंगे.” कोर्ट ने माल्या को एक और मौका दिया है. उन्होंने कहा कि हम आपके साथ निष्पक्षता बरत रहे हैं इसलिए डिसमिस नहीं कर रहे बल्कि एक और अवसर दे रहे हैं. अगर फिर हलफनामा नहीं दाखिल किया तो अगली सुनवाई में ऑर्डर पास कर देंगे. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कोर्ट ने समयसीमा और डिटेल्स मांगी हैं जो अगली सुनवाई में रिकॉर्ड की जाएंगी. मामला अगले हफ्ते फिर सुनवाई के लिए रखा गया है. कोर्ट ने साफ कहा कि बिना भारत की अदालत के अधिकार क्षेत्र में आए याचिका पर सुनवाई नहीं होगी.
विजय माल्या पर क्या आरोप हैं?
विजय माल्या पर कई बैंकों का कर्ज नहीं चुकाने और मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन) के आरोप हैं. जनवरी 2019 में पीएमएलए कानून के तहत एक विशेष अदालत ने उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया था. माल्या मार्च 2016 में भारत छोड़कर चले गए थे। उनकी ओर से वरिष्ठ वकील अमित देसाई ने कहा है कि भारत में मौजूद उनकी संपत्तियां पहले ही जांच एजेंसियों द्वारा जब्त की जा चुकी हैं.
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