इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में कंपनी के सह संस्थापक प्रत्युष कुमार ने बताया कि सर्वम काज़े नाम का यह स्मार्ट चश्मा पूरी तरह भारत में डिजाइन किया गया है और डेवलपर्स के लिए खुला प्लेटफॉर्म होगा. इसका मतलब है कि इस चश्मे के लिए नई ऐप्स और फीचर्स आसानी से बनाए जा सकेंगे, जो इसे विदेशी स्मार्ट ग्लास से अलग बनाता है.
स्मार्ट चश्मा क्या होता है और कैसे काम करता है
स्मार्ट चश्मा दिखने में सामान्य चश्मे जैसा होता है, लेकिन इसके अंदर कैमरा, माइक्रोफोन, स्पीकर, डिस्प्ले और एआई चिप लगी होती है. यह इंटरनेट और मोबाइल से जुड़कर काम करता है और आपकी आंखों के सामने ही जरूरी जानकारी दिखा सकता है. अगर आप सड़क पर जा रहे हैं, तो यह रास्ता दिखा सकता है. अगर किसी से बात करनी है, तो यह आपके लिए कॉल या मैसेज भेज सकता है. आप इससे सवाल पूछ सकते हैं और यह बोलकर जवाब भी दे सकता है.
आम आदमी के लिए स्मार्ट चश्मे के बड़े फायदे
स्मार्ट चश्मा सिर्फ टेक लवर्स के लिए नहीं, बल्कि आम लोगों के लिए भी बहुत काम का हो सकता है.
- यह बुजुर्गों को दवा लेने की याद दिला सकता है और डॉक्टर से बात कराने में मदद कर सकता है.
- यह छात्रों को पढ़ाई में मदद कर सकता है और तुरंत जानकारी दिखा सकता है.
- यह ड्राइवरों को रास्ता दिखा सकता है और जरूरी अलर्ट दे सकता है.
- यह दिव्यांग लोगों को आसपास की चीजें पहचानने और पढ़ने में मदद कर सकता है.
सर्वम का स्मार्ट चश्मा क्यों खास है
प्रत्युष कुमार ने बताया- सर्वम का स्मार्ट चश्मा डेवलपर्स के लिए खुला होगा, यानी कोई भी कंपनी या स्टार्टअप इसके लिए ऐप्स बना सकेगा. अभी ज्यादातर विदेशी स्मार्ट ग्लास बंद सिस्टम होते हैं, लेकिन सर्वम इसे भारतीय इनोवेशन के लिए प्लेटफॉर्म बनाना चाहता है. कंपनी का फोकस भारतीय भाषाओं, लोकल जरूरतों और कम इंटरनेट स्पीड वाले इलाकों पर भी है, ताकि यह टेक्नोलॉजी सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित न रहे.
फीचर फोन में भी आएगा एआई
सर्वम ने मोबाइल फोन निर्माता एचएमडी (HMD) के साथ साझेदारी का ऐलान किया है. इसका मकसद फीचर फोन में भी एआई टेक्नोलॉजी लाना है. इससे बिना स्मार्टफोन वाले लोग भी वॉइस असिस्टेंट, अनुवाद और स्मार्ट फीचर्स का फायदा उठा सकेंगे.
क्वालकॉम और बॉश के साथ बड़ी साझेदारी
सर्वम ने चिप बनाने वाली कंपनी क्वालकॉम (Qualcomm) के साथ भारतीय भाषाओं और लोकल जरूरतों के अनुसार जनरेटिव एआई सिस्टम बनाने की साझेदारी की है. इस एआई का इस्तेमाल स्मार्टफोन, लैपटॉप, पहनने योग्य डिवाइस, आईओटी, ऑटोमोबाइल और डेटा सेंटर में किया जाएगा. कंपनी ने जर्मन टेक कंपनी बॉश (Bosch) के साथ कार डैशबोर्ड में एआई लाने की भी साझेदारी की घोषणा की है, जिससे गाड़ियों में स्मार्ट वॉयस असिस्टेंट और एडवांस फीचर्स मिल सकेंगे.
टेक्नोलॉजी में संप्रभुता पर जोर
प्रत्युष कुमार ने कहा कि भारत को टेक्नोलॉजी की हर परत में संप्रभुता बनानी चाहिए. इसका मतलब है कि एआई मॉडल, डेटा और हार्डवेयर पर भारत का खुद का कंट्रोल होना चाहिए. इससे विदेशी कंपनियों पर निर्भरता कम होगी और भारत ग्लोबल टेक पावर बन सकेगा.
(भाषा के इनपुट के साथ)
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