मीरा कपूर ने वोग वैल्यूज वूमेन ऑफ एक्सीलेंस इवेंट में बेटी मीशा को पैसे को लेकर दी गई सीख का किस्सा शेयर किया और कहा कि बच्चों को छोटी उम्र से ही फाइनेंशियल लिटरेसी सिखाना जरूरी है. उन्होंने बताया कि वह मीशा से नानी से मिले पैसों को लेकर सवाल पूछती हैं और उसे सेविंग, बैंक और पैसे के काम करने का कॉन्सेप्ट समझाती हैं. मीरा का मानना है कि पैसे को लेकर खुली बातचीत से महिलाएं और बच्चे फाइनेंस को पुरुषों का क्षेत्र मानने वाली सोच को तोड़ सकते हैं और इससे आत्मविश्वास भी बढ़ता है.
मीरा कपूर ने कहा कि बच्चों को बचपन से ही यह समझाना जरूरी है कि पैसा कैसे काम करता है, उसे कैसे सेव किया जाए और कैसे इस्तेमाल किया जाए. उनका मानना है कि अगर छोटी उम्र से ही फाइनेंशियल लिटरेसी दी जाए तो बच्चों में कॉन्फिडेंस और डिसीजन मेकिंग की क्षमता मजबूत होती है.
इवेंट में महिलाओं की लीडरशिप पर चर्चा
वोग वैल्यूज वूमेन ऑफ एक्सीलेंस इवेंट के पहले एडिशन में लीडरशिप और एंटरप्रेन्योरशिप पर एक पैनल चर्चा हुई, जिसमें मीरा कपूर, सामंथा रुथ प्रभु (Samantha Ruth Prabhu) और चेतना गाला सिन्हा (Chetna Gala Sinha) शामिल थीं. इस सेशन में यह चर्चा हुई कि महिलाएं खुद आगे बढ़ते हुए दूसरों के लिए मौके कैसे बना सकती हैं और अपनी पावर का सही इस्तेमाल कैसे कर सकती हैं.
मीशा को दिए पैसे के आसान मनी टिप्स
मीरा कपूर ने बताया कि वह बेटी मीशा से पैसे को लेकर सवाल पूछती हैं और उसे सोचने के लिए प्रेरित करती हैं. उन्होंने कहा कि जब नानी मीशा को पैसे देती हैं, तो वह उससे पूछती हैं कि वह उन पैसों का क्या करेगी. क्या वह उन्हें तकिए के नीचे रखेगी, पिगी बैंक में डालेगी या बैंक में जमा करेगी. इसके बाद वह उसे समझाती हैं कि बैंक में पैसा रखने पर क्या होता है और वह कैसे बढ़ता है.
बच्चों को सिखाई लोन और प्रॉफिट की बेसिक बातें
मीरा कपूर ने यह भी बताया कि वह मीशा को लोन, प्रॉफिट और रिपेमेंट जैसे कॉन्सेप्ट्स भी आसान भाषा में समझाती हैं. उनका मानना है कि पैसे से जुड़ी चीजों को रहस्यमय न बनाकर अगर घर पर ही खुले तौर पर समझाया जाए तो महिलाएं और बच्चे दोनों ही फाइनेंस को पुरुषों का क्षेत्र मानने वाली सोच को तोड़ सकते हैं.
फाइनेंशियल लिटरेसी को बताया जरूरी
मीरा कपूर ने जोर देकर कहा कि फाइनेंशियल लिटरेसी आज के समय में बेहद जरूरी है और यह आत्मविश्वास बनाने में बड़ी भूमिका निभाती है. उनका मानना है कि बच्चों को छोटी उम्र से ही पैसे को लेकर फैसले लेना सिखाना चाहिए, ताकि वे बड़े होकर आर्थिक रूप से मजबूत और स्वतंत्र बन सकें.
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जय ठाकुर 2018 से खबरों की दुनिया से जुड़े हुए हैं. 2022 से News18Hindi में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं और बिजनेस टीम का हिस्सा हैं. बिजनेस, विशेषकर शेयर बाजार से जुड़ी खबरों में रुचि है. इसके अलावा दे…और पढ़ें
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