हाल के सालों में भारत के तेल आयात में बड़ा बदलाव देखा गया है. रूस अब भारत का सबसे बड़ा कच्चा तेल सप्लायर बन चुका है और कुल आयात में उसकी हिस्सेदारी 35 से 40 प्रतिशत तक पहुंच गई है. इसके अलावा इराक, सऊदी अरब, यूएई और अमेरिका भी भारत के बड़े तेल सप्लायर्स हैं. अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और मिडिल ईस्ट के कई अन्य देशों से भी स्पॉट कार्गो के जरिए तेल खरीदा जाता है, जिससे सप्लाई का रिस्क कम होता है.
1. भारत का सबसे बड़ा कच्चा तेल सप्लायर कौन सा देश है?
रूस वर्तमान में भारत का सबसे बड़ा तेल सप्लायर है. कुल आयात में उसकी हिस्सेदारी अब 35 से 40 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है.
2. रूस के अलावा भारत किन देशों से प्रमुखता से तेल खरीदता है?
रूस के बाद इराक, सऊदी अरब, यूएई और अमेरिका भारत के सबसे बड़े सप्लायर्स हैं. इसके अलावा अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के देशों से भी तेल मंगाया जाता है.
3. भारत अपनी तेल की खरीदारी को ‘डायवर्सिफाई’ (विविध) क्यों करता है?
किसी एक देश या क्षेत्र पर निर्भर रहने से सप्लाई का जोखिम बढ़ जाता है. यदि वहां युद्ध या राजनीतिक अस्थिरता हो, तो भारत की ऊर्जा सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है. इसीलिए भारत करीब 40 देशों से तेल खरीदता है.
4. कौन-कौन से देश शामिल?
भारत दुनिया के लगभग 40 देशों से कच्चा तेल आयात करता है, जिन्हें भौगोलिक आधार पर पांच मुख्य क्षेत्रों में बांटा जा सकता है. इसमें सबसे ऊपर रूस और यूरेशिया क्षेत्र है, जहां अकेला रूस भारत का 35-40% तेल सप्लायर है. इसके बाद मध्य पूर्व (Middle East) के पारंपरिक साथी जैसे इराक, सऊदी अरब और यूएई आते हैं, जिनसे लॉन्ग टर्म कॉन्ट्रैक्ट के जरिए तेल मिलता है. अफ्रीका से नाइजीरिया और अंगोला जैसे देश ‘लो सल्फर’ क्वालिटी का तेल देते हैं, जबकि अमेरिका और लैटिन अमेरिका (यूएसए, मैक्सिको, ब्राजील) अब नए और बड़े सप्लायर्स के रूप में उभरे हैं. इसके अलावा, भौगोलिक निकटता के कारण भारत दक्षिण-पूर्व एशिया के मलेशिया और इंडोनेशिया जैसे देशों से भी तेल मंगाता है.
5. तेल कंपनियां कच्चा तेल किस तरह के समझौतों के तहत खरीदती हैं?
इंडियन ऑयल और रिलायंस जैसी कंपनियां दो तरीकों से तेल खरीदती हैं: पहला ‘लॉन्ग टर्म कॉन्ट्रैक्ट’ (लंबे समय के समझौते) और दूसरा ‘स्पॉट मार्केट’ (मौके पर तुरंत खरीद).
6. कच्चा तेल भारत के किन बंदरगाहों पर उतारा जाता है?
मुख्य रूप से गुजरात के वाडिनार, मुंबई, कोच्चि, पारादीप, मंगलूर, चेन्नई और विशाखापत्तनम के बंदरगाहों पर तेल उतारा जाता है, जहां से यह रिफाइनरियों तक पहुंचता है.
7. ‘स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व’ (SPR) क्या हैं और ये क्यों जरूरी हैं?
ये जमीन के नीचे बनी विशाल गुफाएं हैं जहां आपातकाल के लिए तेल जमा किया जाता है. युद्ध या ग्लोबल सप्लाई चेन टूटने की स्थिति में देश की अर्थव्यवस्था को चालू रखने के लिए ये रिजर्व बेहद जरूरी हैं.
8. भारत में ये स्ट्रैटेजिक रिजर्व वर्तमान में कहां-कहां स्थित हैं?
फिलहाल ये रिजर्व विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश), मंगलूर (कर्नाटक) और पदूर (कर्नाटक) में स्थित हैं. इसके अलावा ओडिशा के चांदीखोल में एक नया रिजर्व बनाने की तैयारी है.
9. भारत के पास अभी कितने दिनों का तेल भंडार सुरक्षित है?
फिलहाल भारत के पास करीब 39 दिनों की खपत के बराबर का स्ट्रैटेजिक रिजर्व है. सरकार की योजना इसे बढ़ाकर 65 से 90 दिनों तक करने की है.
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