भारत सरकार ने संकेत दिया है कि वह जीसीसी (GCC) के साथ आगामी व्यापार समझौते में सोने पर टैरिफ रियायतें नहीं देगा. यूएई (UAE) के साथ हुए समझौते के तहत 1% की शुल्क रियायत के कारण सोने का आयात वित्त वर्ष 2021-22 के 5.8 अरब डॉलर से बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में लगभग 16.8 अरब डॉलर पहुंच गया था. इस भारी उछाल और ‘रूल्स ऑफ ओरिजिन’ (Rules of Origin) के उल्लंघन की शिकायतों के बाद सरकार अब अधिक सावधानी बरत रही है.
भारत सरकार अब कीमती धातुओं के व्यापार को उदार बनाने के मामले में बेहद सतर्कता बरत रही है. यूएई के साथ समझौते के बाद जिस तरह से सोने का आयात तीन गुना बढ़ गया, उसने घरेलू बाजार में संतुलन बिगड़ने की चिंता बढ़ा दी है. यही वजह है कि जीसीसी (GCC) के साथ होने वाले नए व्यापारिक सौदे में भारत अपनी घरेलू इंडस्ट्री और राजस्व की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है.
यूएई समझौते का असर
भारत और यूएई के बीच मई 2022 में लागू हुए व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) के कुछ परिणाम सरकार के लिए चिंताजनक रहे हैं:
- आयात में भारी उछाल: रियायती दर पर बुलियन आयात की अनुमति मिलने से यूएई से सोने का आयात करीब तीन गुना बढ़ गया.
- नियमों का उल्लंघन: व्यापार विश्लेषकों ने पाया कि कई बार ‘रूल्स ऑफ ओरिजिन’ (नियम जो बताते हैं कि माल वास्तव में कहां बना है) का पालन नहीं किया गया और रियायती दरों का गलत फायदा उठाया गया.
- घरेलू बाजार पर प्रभाव: अचानक बढ़े आयात ने घरेलू ज्वैलरी बाजार और व्यापार घाटे (Trade Deficit) को प्रभावित किया.
भारत-जीसीसी व्यापार का वर्तमान ढांचा
जीसीसी (GCC) भारत के लिए एक महत्वपूर्ण व्यापारिक भागीदार है, जिसमें सऊदी अरब और यूएई प्रमुख हैं:
| विवरण | सांख्यिकी (FY25) |
| कुल द्विपक्षीय व्यापार | $179 अरब |
| प्रमुख निर्यात (Export) | खाद्य उत्पाद, कपड़े, आभूषण, फार्मा, इंजीनियरिंग सामान |
| प्रमुख आयात (Import) | कच्चा तेल (Crude Oil), एलएनजी (LNG), एलपीजी (LPG) |
सावधानी के पीछे के बड़े कारण
- नियामक सख्ती: सरकार ने सोने के आयात के दुरुपयोग को रोकने के लिए अब नियमों को और कड़ा कर दिया है.
- रणनीतिक बदलाव: ऊर्जा आयात (तेल और गैस) के लिए खाड़ी देशों पर निर्भरता बनी रहेगी, लेकिन सोने जैसे गैर-जरूरी विलासिता उत्पादों पर भारत अपनी शर्तों को सख्त रखना चाहता है.
- द्विपक्षीय संतुलन: भारत अब ऐसे व्यापार समझौतों पर जोर दे रहा है जहाँ व्यापार घाटा नियंत्रण में रहे और ‘वैल्यू एडिशन’ (Value Addition) के नियमों का सख्ती से पालन हो.
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जय ठाकुर 2018 से खबरों की दुनिया से जुड़े हुए हैं. 2022 से News18Hindi में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं और बिजनेस टीम का हिस्सा हैं. बिजनेस, विशेषकर शेयर बाजार से जुड़ी खबरों में रुचि है. इसके अलावा दे…और पढ़ें
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