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सोने-चांदी की कीमतों में हाल के दिनों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. मार्च 2026 में सोना रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है. हालांकि शादी सीजन कम होने से घरेलू मांग थोड़ी कमजोर रह सकती है, लेकिन फेडरेल बैंक की संभावित रेट कट, वैश्विक तनाव और महंगाई से बचाव की मांग जैसे फैक्टर कीमतों को नीचे गिरने से सहारा देंगे. पिछले साल की तेज रैली के बाद अब सवाल है कि अप्रैल में कीमतें कहां जाएंगी. विशेषज्ञों के मुताबिक अप्रैल 2026 में सोने की कीमतें कितनी हो सकती है, ये आपको बताएंगे.
सोने और चांदी की कीमतों में पिछले कई दिनों से उथल-पुथल देखने को मिल रही है. जोरदार तेजी के चलते भारतीय निवेशकों और खरीदारों के मन एक सबसे बड़ा सवाल ये है कि सोने का भाव अप्रैल 2026 में कहां तक पहुंचेगा. अभी मार्च 2026 में सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर हैं. 24 कैरेट सोना (10 ग्राम) करीब 1,58,000 से 1,59,000 रुपये के आसपास चल रहा है, जबकि 22 कैरेट सोना 1,45,000 रुपये के करीब है. पिछले साल 2025 में सोने ने जबरदस्त रैली दिखाई, जहां ग्लोबल लेवल पर कीमत 2,600 डॉलर से बढ़कर 5,000 डॉलर प्रति औंस के पार चली गई है. भारत में भी मांग मजबूत हो गई है.

इकोनॉमिक टाइम्स के विशेषज्ञों और एनालिस्ट्स के अनुसार, अप्रैल 2026 में सोने की कीमतें स्थिर रहने या थोड़ी बढ़ने की संभावना है. अप्रैल में भारत में गर्मी का मौसम शुरू होता है, शादी-विवाह का सीजन कम होता है, इसलिए घरेलू मांग थोड़ी कम हो सकती है. लेकिन वैश्विक फैक्टर मजबूत हैं, जैसे अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरें कम होने की उम्मीद, भू-राजनीतिक तनाव (मिडिल ईस्ट, यूक्रेन आदि) और महंगाई से बचाव के लिए सोने की डिमांड. इन कारणों से कीमतें नीचे नहीं गिरेंगी.

कई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि 2026 में सोने की औसत कीमत भारत में 1.5 लाख से 1.75 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम (24 कैरेट) तक जा सकती है. अप्रैल में यह रेंज 1,55,000 से 1,65,000 रुपये के बीच रह सकती है. कुछ एनालिस्ट्स का अनुमान है कि अगर वैश्विक अनिश्चितता बढ़ी तो कीमतें 1,70,000 रुपये के पार भी जा सकती हैं. लेकिन अगर अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ या फेड ने ब्याज दरें नहीं घटाईं तो थोड़ी गिरावट संभव है.
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भारत में सोने की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार पर निर्भर करती हैं. वैश्विक स्तर पर सोना 5,000 डॉलर प्रति औंस से ऊपर है. चीन और भारत जैसे देशों में सेंट्रल बैंक और निवेशक सोना खरीद रहे हैं. भारत में त्यौहारों के बाद अप्रैल में मांग कम होती है, लेकिन ज्वेलरी और निवेश के लिए लोग खरीदते रहते हैं.

अप्रैल में संभावित कीमतों की बात करें तो दिल्ली, मुंबई जैसे शहरों में 24 कैरेट सोना 15,500 से 16,500 रुपये प्रति ग्राम (यानी 1,55,000 से 1,65,000 रुपये प्रति 10 ग्राम). 22 कैरेट सोना 14,200 से 15,100 रुपये प्रति ग्राम. ये अनुमान हैं कि असली कीमतें बाजार के हिसाब से बदल सकती हैं. लोकल टैक्स, मेकिंग चार्ज और जीएसटी भी प्रभाव डालते हैं.

सोने की कीमत बढ़ने के मुख्य कारण कमजोर अमेरिकी डॉलर, सेंट्रल बैंकों की खरीदारी, जियोपॉलिटिकल रिस्क और इन्फ्लेशन से बचाव है. 2025 में सोने ने 60 प्रतिशत से ज्यादा रिटर्न दिया है. 2026 में भी यह मजबूत रह सकता है, लेकिन रैली की स्पीड कम हो सकती है. एनालिस्ट्स कहते हैं कि सोना लंबे समय के लिए अच्छा निवेश है.

अगर आप अप्रैल में सोना खरीदने की सोच रहे हैं तो बाजार की नजर रखें. MCX पर गोल्ड फ्यूचर्स, न्यूज और एक्सपर्ट ओपिनियन देखें. शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव रह सकता है, लेकिन ओवरऑल आउटलुक पॉजिटिव है.

अप्रैल 2026 में सोने की कीमतें ऊंचे स्तर पर रहने की उम्मीद है. निवेशकों को सलाह है कि ज्यादा गिरावट पर खरीदें और लंबे समय के लिए होल्ड करें क्योंकि सोना हमेशा सुरक्षित निवेश माना जाता है.
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