नई दिल्ली में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में तकनीक की नई झलक देखने को मिली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जियो के AI पवेलियन का दौरा किया. यहां हेल्थ, शिक्षा और स्मार्ट होम से जुड़े आधुनिक मॉडल पेश किए गए. दौरे ने भारत में AI के बढ़ते दायरे और संभावनाओं को उजागर किया.
जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी ने इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान जियो AI पवेलियन में माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हेल्थकेयर, एजुकेशन, कल्चर और स्मार्ट होम सॉल्यूशंस में कंपनी के AI-लेड ट्रांसफॉर्मेशन को दिखाया. (Image:News18)
आकाश अंबानी ने दिखाई AI की पूरी झलक
जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी ने प्रधानमंत्री मोदी को जियो के व्यापक AI इकोसिस्टम के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि कैसे कंपनी का AI स्टैक एंटरप्राइज इंटेलिजेंस से लेकर स्मार्ट होम तक समाधान दे रहा है. प्रधानमंत्री ने Jio AI Stack, Jio Sanskriti AI, Jio Arogya AI, Jio Shiksha और Jio AI Home जैसी पहलों का अवलोकन किया. ये प्लेटफॉर्म भारतीय भाषाओं और सांस्कृतिक कंटेंट को बढ़ावा देने, स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने, शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने और स्मार्ट जीवनशैली को सक्षम बनाने के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं.
हेल्थ, शिक्षा और संस्कृति में AI की ताकत
पवेलियन में प्रदर्शित मॉडलों ने दिखाया कि AI किस तरह अस्पतालों में बेहतर निदान, स्कूलों में पर्सनलाइज्ड लर्निंग और भारतीय भाषाओं के संरक्षण में मदद कर सकता है. जियो का फोकस ऐसी तकनीक विकसित करना है जो सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि गांव और छोटे कस्बों तक भी पहुंचे. कंपनी ने ‘AI for All’ के अपने विजन को दोहराते हुए कहा कि उन्नत तकनीक को सुलभ और समावेशी बनाना ही असली डिजिटल परिवर्तन है.
निजी क्षेत्र की बढ़ती भूमिका
Reliance Jio Infocomm Limited और इसकी मूल कंपनी Reliance Industries पहले भी तकनीक को जनसामान्य तक पहुंचाने पर जोर देती रही हैं. उद्योग जगत के नेताओं का मानना है कि भारत का AI भविष्य सार्वजनिक और निजी साझेदारी से ही मजबूत होगा. समिट में देश-विदेश की टेक कंपनियां, इनोवेटर्स और नीति-निर्माता शामिल हुए, जिससे साफ है कि भारत वैश्विक AI मानचित्र पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है. प्रधानमंत्री का यह दौरा इसी दिशा में एक अहम संकेत माना जा रहा है.
(डिस्क्लेमर-नेटवर्क18 और टीवी18 कंपनियां चैनल/वेबसाइट का संचालन करती हैं, जिनका नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज एकमात्र लाभार्थी है.)
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Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें
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