मध्य प्रदेश के राज्यपाल और लखनऊ के पूर्व सांसद लालजी टंडन का जन्म 12 अप्रैल को हुआ था। वह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के बेहद करीबी थे। यही कारण था कि जब बाजपेयी राजनीति से दूर हुए, तो उनकी विरासत लखनऊ लोकसभा सीट लालजी टंडन को दी गई थी। वह भाजपा-बसपा की गठबंधन सरकार में नगर विकास मंत्री रहे थे। उन्होंने बसपा सुप्रीमो मायावती को बहन माना था। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर लालजी टंडन के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में…
जन्म और परिवार
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 12 अप्रैल 1935 को लालजी टंडन का जन्म हुआ था। वहीं महज 12 साल की उम्र में वह संघ से जुड़ गए थे। वह संघ की शाखाओं में जाया करते थे, संघ से जुड़ाव के कारण ही लालजी टंडन की मुलाकाल अटल बिहारी वाजपेयी से हुई थी।
यूपी की राजनीति में कई प्रयोग
उत्तर प्रदेश की राजनीति में लालजी टंडन को अलग-अलग प्रयोगों के लिए जाना जाता है। 90 के दशक में यूपी में बनी भाजपा और बसपा की सरकार के गठजोड़ के पीछे लालजी टंडन की बड़ी भूमिका मानी जाती है। बसपा प्रमुख मायावती लालजी टंडन को राखी बांधती थीं।
संभाली लखनऊ की कमान
साल 1996 से लेकर 2009 तक लालजी टंडन लगातार तीन बार विधायक का चुनाव जीते थे। वहीं साल 1997 में वह नगर विकास मंत्री भी रहे। पूर्व पीएम अटल बिहारी के राजनीति से दूर होने के बाद साल 2009 में भारतीय जनता पार्टी ने लखनऊ लोकसभा सीट लालजी टंडन को सौंपी थी। उन्होंने यहां से चुनाव भी लड़ा था। इससे पहले साल 1978 से 1984 तक और फिर 1990 से 1996 तक वह दो बार यूपी विधानपरिषद के सदस्य रहे। फिर साल 1991 में वह उत्तर प्रदेश के मंत्री पद पर भी रहे थे।
मृत्यु
वहीं 21 जुलाई 2020 को 85 वर्ष की आयु में लखनऊ के मेदांता अस्पताल में लालजी टंडन का निधन हो गया।
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