इन दिनों अंतरराष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिता को लेकर सुरक्षा का मुद्दा चर्चा में बना हुआ है और खिलाड़ियों के बीच भी इसे लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही है।
बता दें कि अंतर्राष्ट्रीय शतरंज फेडरेशन ने साइप्रस में होने वाले कैंडिडेट्स टूर्नामेंट को लेकर सुरक्षा चिंताओं को कमतर बताते हुए कहा है कि सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार, संस्था का कहना है कि वहां स्थिति सामान्य है और खिलाड़ियों, अधिकारियों व मेहमानों की सुरक्षा के लिए पूरी तैयारी की गई है।
गौरतलब है कि साइप्रस पश्चिम एशिया के करीब स्थित है, जहां इस समय सैन्य तनाव बना हुआ है। हाल ही में वहां एक ब्रिटिश सैन्य अड्डे पर ड्रोन हमला भी हुआ था, जिसके बाद सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
इसी बीच भारत की ग्रैंडमास्टर कोनेरू हम्पी ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इस प्रतियोगिता से नाम वापस ले लिया है। बता दें कि यह टूर्नामेंट विश्व खिताब के लिए चुनौती देने वाले खिलाड़ी तय करता है और इसकी शुरुआत इस शनिवार से होने जा रही है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, एक अन्य प्रमुख खिलाड़ी हिकारू नाकामुरा ने भी वहां अपने अनुभव साझा करते हुए बिजली कटौती जैसी समस्याओं का जिक्र किया है, जिससे चिंता बढ़ी है। हालांकि फिडे का कहना है कि ऐसी घटनाएं बहुत कम होती हैं और हाल की बिजली कटौती कुछ ही मिनटों में ठीक कर दी गई थी।
गौरतलब है कि जिस स्थान पर टूर्नामेंट आयोजित किया जा रहा है, वहां बैकअप बिजली की पूरी व्यवस्था है, जिससे प्रतियोगिता के दौरान किसी तरह की बाधा नहीं आएगी। संस्था ने यह भी स्पष्ट किया है कि आयोजन स्थल संवेदनशील सैन्य इलाकों से दूर है और वर्तमान संकट से सीधे प्रभावित क्षेत्र में नहीं आता है।
बताते चलें कि फिडे ने यह भी कहा है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए वैकल्पिक योजनाएं तैयार हैं और स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है।
इस तरह देखा जाए तो जहां कुछ खिलाड़ी सुरक्षा को लेकर सतर्क नजर आ रहे हैं, वहीं आयोजक संस्था पूरी तरह आश्वस्त है कि प्रतियोगिता सुरक्षित माहौल में आयोजित की जाएगी और सभी प्रतिभागियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है।
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