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Archana Saini Success Story: जयपुर के चौमूं क्षेत्र के छोटे से गांव भोजलावा की अर्चना सैनी आज ग्रामीण बेटियों के लिए प्रेरणा बन रही हैं. साधारण परिवार से आने वाली अर्चना ने सामाजिक तानों और मुश्किल हालात के बावजूद क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई है. 7 साल की उम्र से क्रिकेट खेलना शुरू करने वाली अर्चना अब तक कई टूर्नामेंट में हिस्सा लेकर अपनी टीम को जीत दिला चुकी हैं. वह 2018 से लगातार राजस्थान की सीनियर टीम का हिस्सा बनकर रणजी ट्रॉफी खेल रही हैं. अर्चना का सपना भारतीय महिला टीम और आईपीएल में चयन होकर देश का नाम रोशन करने का है.
जयपुर: कहते हैं कि शिद्दत के साथ की गई मेहनत से एक दिन सफलता जरूर मिलती है. इसी कहावत को पूरा करने में जुटी है चौमूं के छोटे से गांव भोजलावा की अर्चना सैनी. 26 साल की यह लड़की उन गांवों की लड़कियों के लिए प्रेरणा बन रही है जो खेल के जरिए जिंदगी में कुछ करना चाहती है. अर्चना सैनी एक क्रिकेटर हैं और सामाजिक तानों के बावजूद अर्चना ने अपने जुनून व मेहनत के दम पर महिला क्रिकेट में पहचान बनाई है. अब तक अर्चना ने दर्जनों टूर्नामेंट में भाग लेकर अपनी टीम को सफलता दिलाई है. वह अब भारतीय टीम व WPL टीम में चयन होने का सपना लेकर दिन रात मेहनत कर रही है.
सात साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया
अर्चना ने बताया कि बचपन में खेत में भाई व अन्य लड़के क्रिकेट खेलते थे, जिन्हें देखकर उसकी भी क्रिकेट खेलने की इच्छा होती थी. जब वह महज 7 वर्ष की थीं, तब भाइयों के साथ क्रिकेट खेलना शुरू किया. इस दौरान स्कूल और कॉलेज के क्रिकेट टूर्नामेंट में भी उसने भाग लिया. खेल के प्रति जुनून ने उन्हें 2015 में चौमूं की एक क्रिकेट एकेडमी से जुड़ने के लिए प्रेरित किया. अर्चना बताती हैं कि एकेडमी में वह अकेली महिला खिलाड़ी थीं, इसलिए उन्हें लड़कों के साथ ही अभ्यास करना पड़ता था. इस कारण लोग व रिश्तेदारों की ओर से कई बार ताने भी सुनने पड़े.
रणजी में राजस्थान का प्रतिनिधित्व कर रही अर्चना
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दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से News18 हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें
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