इजरायल ने मंगलवार (17 मार्च, 2026) को कहा कि उसने ईरान की बसीज मिलिशिया बल के कमांडर गुलामरेजा सुलेमानी के साथ-साथ देश के शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख अली लारिजानी को मार गिराया है. यह हमला ईरान की सुरक्षा व्यवस्था के केंद्र बिंदु पर किया गया है. यह हमला ऐसे समय में हुआ जब मिडिल ईस्ट का युद्ध तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है.
खामेनेई के बेहद खास और भरोसेमंद थे लारिजानी
लारिजानी ईरान के सर्वोच्च नेता रहे खामेनेई के सबसे खास और भरोसेमंद माने जाते थे, जो अमेरिका और इजरायल के खिलाफ हमलों के आदेश दिया करते थे. लारिजानी अमेरिका और इजराइल के खिलाफ रणनीति बनाने में सक्रिय रहते थे. बीते दिनों उन्हें तेहरान की सड़कों पर अमेरिका और इजरायल के खिलाफ प्रदर्शन में भी देखे गए थे. ईरान के मौजूदा नेतृत्व पर लारिजानी की मौत का बड़ा असर पड़ेगा. ईरानी फोर्स के मनोबल भी बुरा प्रभाव पड़ने की आशंका है. अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान में सत्ता परिवर्तन के ऑपरेशन को बल मिलेगा.
IRGC का हिस्सा है बसीज मिलिशिया बल
वहीं, बसीज एक बड़े सादे कपड़ों में रहने वाली अर्धसैनिक बल है, जिसके बारे में अनुमान है कि इसके सक्रिय और रिजर्व सदस्यों की संख्या करीब 10 लाख तक हो सकती है. यह शक्तिशाली इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) का हिस्सा है. बीते कई दशकों से यह मिलिशिया विरोध को कुचलने में बड़ी भूमिका निभाती रही है. यह फोर्स हाल ही में जनवरी में भड़के देशव्यापी सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर की गई कड़ी कार्रवाई में भी शामिल रही है.
इसके सदस्य मोहल्लों, विश्वविद्यालयों और कार्यस्थलों में मौजूद रहते हैं, जिससे सरकार की आम जीवन में गहरी पकड़ बनी रहती है. पिछले दो हफ्तों में युद्ध के क्षेत्रीय संघर्ष में बदलने के दौरान इजरायल और अमेरिका ने अक्सर बसीज के ठिकानों और मुख्यालयों को निशाना बनाया है.
बसीज को निशाना बनाए जाने से यह स्पष्ट होता है कि अमेरिका और इजरायल का अभियान केवल तेहरान की सैन्य ताकत को कमजोर करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उस घरेलू सुरक्षा नेटवर्क को भी कमजोर करना है, जो इस्लामिक गणराज्य ईरानी शासन की नींव को मजबूत बनाए रखता है.
PM नेतन्याहू ने सुलेमान और लारिजानी की मौत पर क्या कहा?
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बयान में कहा कि सुलेमानी और लारिजानी की हत्या का उद्देश्य इस्लामिक गणराज्य की सत्ता पर पकड़ को कमजोर करना और जनविद्रोह के लिए परिस्थितियां तैयार करना है. उन्होंने कहा कि हम इस शासन को कमजोर कर रहे हैं, ताकि ईरानी जनता को इसे हटाने का मौका मिल सके.
הבוקר חיסלנו את עלי לאריג’אני. עלי לאריג’אני זה הבוס של משמרות המהפכה, שזה חבורת הגנגסטרים שמנהלת בפועל את איראן. אנחנו חיסלנו לצידו גם את מפקד הבסיג’ – זה העוזרים של הגנגסטרים, שהם מפיצים טרור ברחובות טהרן וערים אחרות של איראן נגד האוכלוסייה. גם שם אנחנו פועלים; פועלים מהאוויר… pic.twitter.com/bOwQgRZ6Ti
— Benjamin Netanyahu – בנימין נתניהו (@netanyahu) March 17, 2026
बसीज के नेताओं की हत्या का होगा असर?
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि बसीज के नेताओं की हत्या का क्या असर होगा? लेकिन विश्लेषकों का कहना है कि निकट भविष्य में ईरानी सरकार के गिरने की संभावना कम है. अमेरिका और इजरायल ने ईरान भर में सैन्य, खुफिया और पुलिस ठिकानों पर हमले किए हैं. हाल के हफ्तों में बसीज ने सड़कों पर अपनी मौजूदगी और बढ़ा दी है. तेहरान और अन्य शहरों में चेकपॉइंट स्थापित किए हैं, क्योंकि ईरानी अधिकारी नियंत्रण बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं.
सुलेमानी और लारिजानी की मौत की घोषणा ऐसे समय में की गई, जब ईरानी अधिकारी संभावित विरोध प्रदर्शनों की आशंका को देखते हुए कई स्तर पर बचाव की तैयारियां कर रहे थे. अब देखना यह होगा कि क्या ईरान में अमेरिका और इजरायल अपने मिशन तख्तापलट के बेहद नजदीक पहुंच चुके हैं?
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