Concept of 4 marriages in Islam: दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा धर्म इस्लाम जो अपनी शालीनता और कट्टर अनुशासन के लिए जाना जाता है. इस्लाम धर्म में ऐसे कई नियम कायदे हैं, जिनका पालन करना एक सच्चे मुसलमान के लिए बेहद जरूरी है. इस्लाम में एक व्यक्ति कितनी शादियां कर सकता है?
इस पर डॉ. इमाम उमर अहमद इलियासी, अखिल भारतीय इमाम संगठन (AIIO) के प्रमुख इमाम ने विस्तार से अपनी राय साझा की. उन्होंने बताया कि, इस्लाम में चार शादियों की इजाजत है, लेकिन हर किसी के लिए बल्कि खास परिस्थितियों में ही ऐसा कर सकता है.
नजर लगने से कैसे बचें? इस्लाम में बचाव के आसान तरीके, जानें दुआएं और तारीफ का सही तरीका!
इस्लाम में 4 शादियों को लेकर इमाम साहब ने क्या कहा?
इमाम साहब बताते हैं कि, यह इजाजत शौक या लालच के लिए नहीं दी गई है. अगर कोई व्यक्ति अपनी पहली पत्नी के साथ खुश है और जीवन अच्छे से व्यतीत कर रहा है, तो किसी भी तरह की दूसरी शादी या केवल इच्छा या शौक के लिए करना गलत माना जाता है.
इस्लाम में चार शादियां करने का उद्देश्य किसी मजबूरी या जरूरत को पूरा करना है. उदाहरण के लिए यदि कोई महिला बीमारी या अन्य परिस्थितियों के कारण शादी नहीं कर पा रही या बच्चे नहीं हो पा रहे, तो दूसरी शादी की इजाजत दी जा सकती है.
बिना सहमति के कोई शादी स्वीकार्य नहीं
इमाम साहब ने जोर देते हुए कहा कि, दूसरी शादी करने से पहले पहली पत्नी की सहमति लेना बेहद जरूरी है. बिना सहमति के कोई शादी करना इस्लाम में स्वीकार्य नहीं है.
इसके अलावा किसी भी शादी का मकसद केवल अपनी इच्छाओं या लालच को पूरा करना नहीं होना चाहिए. यह केवल जरूरतमंद महिलाओं को सहारा देने और सामाजिक जिम्मेदारी निभाने के लिए है.
4 शादी का कॉनसेप्ट केवल मजबूरी में
इमाम साहब का कहना है कि, भारत में ऐसी शादियां बहुत ही दुर्लभ हैं. ज्यादातर लोग चार शादियां करने के लिए इस्लाम का गलत फायदा उठाने की कोशिश करते हैं, जो धर्म की भावना के खिलाफ है. उनके अनुसार शादी का मूल उद्देश्य दोनों पति-पत्नी के बीच शांति, प्यार, परिवार और बच्चों के लिए होना चाहिए.
इसलिए इस्लाम में चार शादियों का कॉनसेप्ट केवल मजबूरी, सहारा देने और सामाजिक जिम्मेदारियों के लिए है, न कि ऐय्याशी या लालच के लिए. यह समझना बेहद जरूरी है कि, धार्मिक इजाजत का मतलब यह नहीं कि इसे अपनी सुविधा के अनुसार इस्तेमाल किया जाए.
ईरान की Pink Masjid: रंगीन कांच से झांकती रोशनी का अद्भुत नजारा, देखें फारसी कला का चमत्कार!
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.