दुनिया के महानतम वैज्ञानिक रहे आइजैक न्यूटक का 31 मार्च को निधन हो गया था। उनके दिए तमाम सिद्धांत आज भी विज्ञान और गणित के मूल सिद्धांतों के रूप में पढ़ाए जाते हैं। वह भौतिकविद, लेखक विचारक, खगोलविद और एक अल्केमिस्ट के रूप में मशहूर थे। हालांकि न्यूटन की मृत्यु के बारे में कई तरह की बातें होती हैं। उनका व्यक्तित्व और रुचियां उनको रहस्यमयी बनाती हैं। तो आइए जानते हैं उनकी डेथ एनिवर्सरी के मौके पर वैज्ञानिक इसाक न्यूटन के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में…
जन्म और परिवार
इंग्लैंड में वूल्सथोर्पे के मैनोर हाउस में 04 जनवरी 1643 को न्यूटन का जन्म हुआ था। उनके जन्म के तीन महीने पहले न्यूटन के पिता का निधन हो गया था। जब न्यूटन 3 साल के थे, तो उनकी मां ने दूसरी शादी कर ली। वहीं न्यूटन अपनी नानी के पास रहे, क्योंकि वह अपने सौतेले पिता को पसंद नहीं करते थे।
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विज्ञान में योगदान
न्यूटन ने सबसे बड़ा योगदान भौतिकी में दिया था। न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण और गुरुत्व का सिद्धांत देते हुए भौतिकी के शास्त्रीय सिद्धांत की नींव रखी थी। खगोलशास्त्र में न्यूटन ने ग्रहों की चाल की बेहतर तरीके से व्याख्या की और पृथ्वी का सही आकार बताया। उन्होंने प्रतिबिम्ब आधारित पहला टेलीस्कोप बनाया। वहीं प्रिज्म के माध्यम से प्रकाशीय रंगों का अध्ययन किया। इसके अलावा न्यूटन ने कूलिंग का नियम, ध्वनि की गति की गणना और न्यूटन का द्रव्य की अवधारणा जैसे कई अहम योगदान दिए।
विज्ञान के अलावा रुचि
इतने ऊंचे कद के साथ न्यूटन अन्य कई विषयों से जुड़े थे। न्यूटन की थियोलॉजी यानी की ब्रह्मविज्ञान जिसको आध्यात्म या धर्म विज्ञान भी कहा जाता है, उसमें भी गहरी रुचि थी। लेकिन इसके बाद भी न्यूटन चर्च से पवित्र आदेश लेना पसंद नहीं करते थे। उन्होंने बाइबल का भी अध्ययन किया था। उनको अलमेकी में भी काफी दिलचस्पी थी। लेकिन इन दोनों ही विषयों में उनका अधिकतर कार्य मृ्त्यु के बाद ही प्रकाशित हो सका।
मृत्यु
वहीं 31 मार्च 1727 को न्यूटन की मृत्यु हो गई थी। न्यूटन की मृत्यु सोते समय हुई थी और मृत्यु के बाद न्यूटन के शरीर में बहुत सारा पारा मिला था।
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