मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग और भीषण होती जा रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार (6 अप्रैल) को ईरान को धमकी दी कि अगर वह मंगलवार (7 अप्रैल) की रात तक समझौता नहीं करता है तो तेहरान को चार घंटे के भीतर तबाह कर देंगे. ट्रंप के अल्टीमेटम ने दुनिया की धड़कनें बढ़ा दी हैं. वहीं, तेहरान ने भी अमेरिकी राष्ट्रपति की धमकियों पर पलटवार किया है.
जुल्फिकारी ने साधा निशाना
IRGC के प्रवक्ता इब्राहिम जुल्फिकारी ने ट्रंप की धमकियों को बेबुनियाद बताया और आक्रामक कार्रवाई जारी रखने की चेतावनी दी. उन्होंने कहा, ‘अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ‘अभद्र बयानबाजी’ और अहंकार से गतिरोध से पैदा हुआ है और इसका मकसद अमेरिकी सैन्य नाकामियों को जायज ठहराना है.’
जुल्फिकारी ने कहा कि ‘इन बयानों का अमेरिका और इजरायल के खिलाफ जारी आक्रामक और निर्णायक अभियानों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और ऐसी बयानबाजी से पश्चिम एशिया में अमेरिका की हार की भरपाई नहीं हो पाएगी. उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका-इजरायल का हर कदम उनकी पिछली हारों में एक और हार जोड़ देगा.’
खामेनेई ने किया पलटवार
ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई ने टेलीग्राम पर पोस्ट कर कहा, ‘ईरान में सैन्य हमले और सेना को कमजोर करने की कोशिशें कभी कामयाब नहीं होंगी. उन्होंने यह भी साफ किया कि देश में हत्या और क्राइम से ईरान के मिलिट्री ऑपरेशन प्रभावित नहीं होंगे.’
ट्रंप ने दी थी धमकी
ट्रंप ने बीते दिन (6 अप्रैल) को धमकी दी थी कि अगर ईरान मंगलवार (7 अप्रैल) रात तक समझौते के लिए तैयार नहीं होता है तो वह चार घंटे के अंदर तेहरान को पूरी तरह तबाह कर देंगे. ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘हमारे पास एक योजना है, हमारी आर्मी के बल पर जिसके तहत ईरान के हर पुल को कल (मंगलवार) रात 12 बजे तक ध्वस्त कर दिया जाएगा, ईरान के हर बिजली संयंत्र को बंद कर दिया जाएगा, जला दिया जाएगा, विस्फोट कर दिया जाएगा और फिर कभी इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा. मेरा मतलब है कि 12 बजे तक पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया जाएगा, और अगर हम चाहें तो यह चार घंटे के भीतर हो जाएगा.’
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