ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारतीय जहाजों के गुजरने को लेकर संकेत दिए हैं. ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि ईरान का इरादा दुनिया की तेल सप्लाई को बाधित करने का नहीं है, हालांकि युद्ध में शामिल देशों के जहाजों को इस स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी. उन्होंने बताया कि एक भारतीय जहाज को हाल ही में इस रूट से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी गई और वह भारत पहुंच चुका है.
उन्होंने एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘ईरान भारत के साथ अपने संबंधों को काफी महत्व देता है और दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक व सांस्कृतिक संबंध मजबूत हैं. हम नई दिल्ली के साथ अपने संबंधों को मजबूत बनाए रखने और उन्हें आगे भी जारी रखने को जरूरी समझते हैं.’
ईरानी प्रवक्ता ने कहा कि पूरे क्षेत्र में बढ़ती असुरक्षा का असर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर भी पड़ रहा है, लेकिन इसके लिए ईरान जिम्मेदार नहीं है. उन्होंने कहा कि कुछ देशों ने बातचीत के बीच हमला कर ईरान पर युद्ध थोप दिया, जिसके कारण क्षेत्र में जंग छिड़ गई. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार जो देश ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल हैं, उनके जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज रूट से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी, क्योंकि इससे युद्ध में मदद मिलने की आशंका रहती है.
बाकी देशों को मिल सकती है अनुमति
ईरान ने संकेत दिया है कि युद्ध में शामिल न होने वाले देशों के जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की अनुमति दी जा सकती है. यह भारत के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारत के समुद्री व्यापार और एनर्जी सप्लाई का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है.
सुप्रीम लीडर की सेहत पर सफाई
ईरानी प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई की सेहत को लेकर चल रही अटकलों को भी खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि सुप्रीम लीडर पूरी तरह स्वस्थ हैं और जल्द ही देश की जनता को संबोधित कर सकते हैं.
तीन हफ्तों से जारी युद्ध
अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमले शुरू किए थे, जिसके बाद यह जंग शुरू हुई. अब इस युद्ध को 3 सप्ताह से अधिक समय हो चुका है. ईरान का कहना है कि उस पर बिना उकसावे के हमला किया गया और वह केवल अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई कर रहा है.
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