मुकुल चौधरी गुरुवार को हुए मैच के हीरो रहे, जिनकी नाबाद अर्धशतकीय पारी ने लखनऊ सुपर जायंट्स को हारे हुए मैच में जीत दिलाई. ईडन गार्डन्स पर खेले गए इस मैच में कोलकाता नाइट राइडर्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 181 रन बनाए थे. जवाब में लखनऊ के 7 विकेट 128 रन पर गिर गए थे, वहां से मैच निकालकर मुकुल ने अपनी काबिलियत का प्रदर्शन किया. KKR कप्तान अजिंक्य रहाणे ने हार की चर्चा के बीच मुकुल की तारीफ की और उन्हें LSG की जीत का श्रेय दिया.
अजिंक्य रहाणे ने कहा, “यह हार पचाना मुश्किल है. लड़कों पर सच में गर्व है, जिस तरह से हमने खेला. मुकुल की पारी निर्णायक थी. जिस तरह से उसने अपने शॉट्स खेले, ऐसे मैचों में, आप बहुत ज्यादा कमियां नहीं निकालना चाहते. थोड़ी-बहुत चूक हो सकती है, लेकिन इसका श्रेय मुकुल और उस साझेदारी को जाता है.” मुकुल और आवेश खान के बीच 54 रनों की साझेदारी हुई, जिसमें आवेश का सिर्फ 1 रन था.
रहाणे ने आगे कहा, “जिस तरह से मुकुल ने बैटिंग की, कमाल का था. मुझे लगा कि हमारे गेंदबाजों ने अपना काम बखूबी किया. जब आप कोई मैच हारते हैं, तो आप सोचते हैं कि आप और बेहतर कैसे कर सकते थे. इस पिच पर 180-185 का स्कोर बहुत अच्छा था. मुझे लगा कि लखनऊ के बल्लेबाज़ों और जिस तरह से उन्होंने बल्लेबाजी की, उसका श्रेय उन्हें ही देना चाहिए.”
क्या बोले मुकुल चौधरी
जीत के हीरो मुकुल चौधरी ने मैच के बाद बताया कि उन्हें पिता ने तो उनकी शादी से पहले ही सोच लिया था कि मेरे बेटे को मैं क्रिकेटर बनाऊंगा. उन्होंने कहा, “मेरे पिताजी की शादी से भी पहले, उनका सपना था कि उनका बेटा क्रिकेट खेले. शुरुआत में हमारी आर्थिक हालत बहुत अच्छी नहीं थी. मैंने 12-13 साल की उम्र में खेलना शुरू किया. झुंझुनू में ज्यादा क्रिकेट अकैडमी नहीं थीं, इसलिए मैं जयपुर चला गया. मैंने देखा कि टी20 क्रिकेट कितनी तेजी से बढ़ रहा है, इसलिए मैं गुड़गांव चला गया और वहीं पर 3-4 महीने रहा.”
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