इंडिगो के सह-संस्थापक और प्रबंध निदेशक राहुल भाटिया ने मंगलवार को खुद को ‘कुछ ही दिनों का मेहमान’ बताया। उनकी यह टिप्पणी एयरलाइन द्वारा विलियम वॉल्श को नया मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किए जाने के बाद आई है।
करीब तीन सप्ताह पहले, 10 मार्च को तत्कालीन सीईओ पीटर एल्बर्स के अचानक पद छोड़ने के बाद से भाटिया ही एयरलाइन के कामकाज की कमान संभाल रहे हैं।
मंगलवार को इंडिगो ने विमानन क्षेत्र के दिग्गज विलियम वॉल्श को नया सीईओ नियुक्त करने की घोषणा की, जो इस साल तीन अगस्त या उससे पहले कार्यभार संभाल सकते हैं।
कर्मचारियों को भेजे गए एक आंतरिक संदेश में भाटिया ने कहा कि इंडिगो के लिए वॉल्श जैसे कद और अनुभव वाले नेतृत्व प्रदान करने वाला मिलना गौरव की बात है। उन्होंने अपने संदेश में लिखा, ‘‘मुझे इस बात का गर्व है कि उन्होंने इंडिगो के निदेशक मंडल के निमंत्रण को स्वीकार कर उस भरोसे और विश्वास को सम्मान दिया है, जिसे आप सभी ने सालों की मेहनत से खड़ा किया है… मुझे उम्मीद है कि तीन अगस्त, 2026 या उससे पहले मैं उन्हें कमान सौंपने का सौभाग्य प्राप्त कर सकूंगा!’’
भाटिया ने इस संदेश के अंत में अपने हस्ताक्षर के साथ ‘राहुल’ या ‘कुछ ही दिनों का मेहमान’ लिखा।
इंडिगो के संदर्भ में इसका सीधा अर्थ यह है कि अब एयरलाइन के प्रबंधन की उनकी जिम्मेदारी बहुत कम समय के लिए बची है, क्योंकि नया सीईओ जल्द ही कार्यभार संभालने वाला है।
दिलचस्प बात यह है कि जब 10 मार्च को पीटर एल्बर्स के इस्तीफे की घोषणा हुई थी, तब राहुल भाटिया ने जिम्मेदारी संभालते हुए कर्मचारियों को ‘राहुल उर्फ मैं हूं ना’ लिखकर संदेश भेजा था।
शाहरुख खान की 2004 की फिल्म ‘मैं हूं ना’ के इस संवाद के जरिये उन्होंने कर्मचारियों को भरोसा दिया था कि संकट के समय वह उनके साथ खड़े हैं।
अब एक स्थायी उत्तराधिकारी मिलने के बाद, उन्होंने मजाकिया अंदाज में खुद को ‘मेहमान’ बताकर विदाई लेने का संकेत दिया है।
दिसंबर, 2025 में एयरलाइन के परिचालन में आई भारी बाधाओं के तीन महीने बाद पीटर एल्बर्स ने इस्तीफा दे दिया था।
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.