अब आप इंडिया पोस्ट के जरिए अपने जरूरी डॉक्युमेंट्स या पार्सल 24 घंटे के अंदर भेज सकेंगे। भारतीय डाक विभाग ने आज 17 मार्च को 3 नई प्रीमियम सर्विस लॉन्च की हैं। इस सर्विस में डाक विभाग से आपको लिखित गारंटी मिलेगी। खास बात ये है कि अगर तय समय में डिलीवरी नहीं हुई तो ‘मनी-बैक गारंटी’ के तहत आपको पूरे पैसे वापस मिलेंगे।
डाक विभाग की 3 नई सर्विस दिल्ली-मुंबई समेत 6 शहरों में पहले फेज की शुरुआत डाक विभाग ने इस सर्विस को फिलहाल देश के 6 प्रमुख मेट्रो शहरों में शुरू किया है। इनमें दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद शामिल हैं। इन शहरों में डिलीवरी के टाइमलाइन को पूरा करने के लिए विभाग ने अलग से प्रोसेसिंग यूनिट्स बनाई हैं और पार्सल भेजने के लिए हवाई जहाज का इस्तेमाल होगा। बिना OTP नहीं मिलेगा पार्सल, 5 खास फीचर्स सुरक्षा और टेक्नोलॉजी के मामले में भी डाक विभाग ने बड़ा अपग्रेड किया है: डाक विभाग की नई प्रीमियम सर्विस के रेट सिंधिया बोले- 30 लाख करोड़ का होगा ई-कॉमर्स मार्केट सर्विस लॉन्च करते हुए दिल्ली के आकाशवाणी भवन से ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि यह इंडिया पोस्ट के लिए बदलाव का समय है। उन्होंने बताया कि भारत का ई-कॉमर्स बाजार अभी करीब 11 लाख करोड़ रुपए का है, जिसके 2030 तक 3 गुना बढ़कर 30 लाख करोड़ रुपए होने की उम्मीद है। डाक विभाग इसी बढ़ते बाजार में अपनी हिस्सेदारी मजबूत करना चाहता है। सिंधिया ने कहा कि डाक विभाग अब आधुनिक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार है। बिजनेस के लिए ‘बुक नाऊ, पे लेटर’ की सुविधा छोटे और बड़े कारोबारियों को लुभाने के लिए विभाग ने कई खास फीचर्स दिए हैं। थोक शिपमेंट के लिए फ्री पिकअप की सुविधा मिलेगी। बिजनेस हाउसेस के लिए सेंट्रलाइज्ड बिलिंग और API इंटीग्रेशन जैसे ऑप्शन दिए गए हैं। इससे कंपनियां सीधे डाक विभाग के सिस्टम से जुड़कर अपने पार्सल ट्रैक और मैनेज कर सकेंगी। —————- ये खबर भी पढ़ें… गैस कनेक्शन बंद होने की खबरों पर सरकार की सफाई: कहा- सभी को e-KYC की जरूरत नहीं; केवल वे लोग कराएं जिनका रिकॉर्ड अधूरा केंद्र सरकार ने उन खबरों पर जवाब दिया है जिनमें कहा जा रहा था कि अगर ग्राहकों ने e-KYC नहीं कराया, तो उनका गैस कनेक्शन काट दिया जाएगा। पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि eKYC की जरूरत सिर्फ उन्हीं ग्राहकों को है, जिनका वेरिफिकेशन अब तक नहीं हुआ है। सरकार ने कहा कि यह कोई नया नियम नहीं है। मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर जो जानकारी दी है, वह पुराने अभियान का ही हिस्सा है। इसका मकसद सिर्फ इतना है कि ज्यादा से ज्यादा गैस ग्राहक अपना बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन करवा लें, ताकि सिस्टम में फर्जीवाड़ा न हो। पूरी खबर पढ़ें…
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