नई दिल्ली में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और फ्रांस की रक्षामंत्री कैथरीन वॉतरीन ने भारत-फ्रांस डिफेंस डायलॉग की अध्यक्षता की. इस दौरान उनकी चर्चा में पाकिस्तान का मुद्दा भी छाया रहा. भारत के रक्षामंत्री की तरफ से कहा गया कि पाकिस्तान बहुत वक्त से बॉर्डर पर आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है. इन गतिविधियों में शामिल होने का उसका पुराना इतिहास भी रहा है. इसी के जरिए पड़ोसी मुल्क भारत में अशांति और हिंसा फैलाने की लगातार कोशिशें करता रहा है. ऐसे में पूरे इलाके में शांति के लिए गंभीर खतरा बना रहता है.
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने क्यों दी फ्रांस की डिफेंस मिनिस्टर को बधाई?
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने फ्रांस की नई रक्षामंत्री का पद संभालने को लेकर कैथरीन को बधाई भी दी. उन्होंने कहा कि उनका कार्यकाल यूरोप और वैश्विक सुरक्षा के लिए एक अहम वक्त में शुरू हुआ है. भारत फ्रांस की प्रतिबद्धता की सहराना करता है.
इसके अलावा दोनों देशों की सेनाओं के बीच होने वाले अभ्यास को फ्रांस ने दो साल से घटाकर हर साल करने के फैसले की सराहना रक्षामंत्री ने की.
दोनों देशों के रक्षामंत्रियों के बीच हुई सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा
इनके अलावा दोनों देशों के रक्षामंत्रियों में आपसी सुरक्षा और रक्षा से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा की गई. दोनों नेताओं ने ज्वाइंट डेवलपमेंट और प्रोडक्शन बढ़ाने को लेकर प्रायोरिटी एरिया पर भी चर्चा की. रक्षा क्षेत्र में मजबूती से पार्टनरशिप बढ़ाने और नई -स्पेशल टेक्नोलॉजी क्षेत्रों में दोनों देशों की इंडस्ट्री को एक साथ लाने पर भी जोर दिया गया. इसकी जरूरत पर दोनों ही देशों ने सहमति जताई. इनके अलावा सेनाओं के बीच आपसी सहयोग मजबूत करने पर भी फ्रांस और भारत की तरफ से प्रतिबद्धता जताई गई है.
इस पर मौके रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की तरफ से कहा गया कि हाल में हुई भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच FTA के तहत सिक्योरिटी, डिफेंस पार्टनरशिप, आपसी सहयोग को गहरा करने की ओर एक बेहद ही अहम कदम है. इसके अलावा घोषणा की गई है कि दोनों देश अपनी सेनाओं के मुख्यालयों पर एक-दूसरे के अधिकारियों की तैनाती करेंगे. रक्षामंत्री ने कहा कि इंडियन ओशन रीजन के देशों के लिए भारत हमेशा से पहली प्रतिक्रिया देने वाला और नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर की भूमिका निभाता रहा है.
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