पहली भारतीय महिला अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला का आज ही के दिन यानी की 17 मार्च को जन्म हुआ था। अपने घर में कल्पना सबसे छोटी थीं, लेकिन उनके काम इतने बड़े हैं कि सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि वह पूरी दुनिया के लिए मिसाल बन गईं। वह भारत की पहली ऐसी महिला थीं, जिन्होंने स्पेस में जाकर इतिहास रच दिया था। तो आइए जानते हैं उनकी डेथ एनिवर्सरी के मौके पर कल्पना चावला के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में…
जन्म और शिक्षा
हरियाणा के करनाल में 17 मार्च 1962 को कल्पना चावला का जन्म हुआ था। उन्होंने करनाल के ही टैगोर बाल निकेतन से शुरूआती पढ़ाई की थी। इसके बाद उन्होंने चंडीगढ़ के पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज से एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक की पढ़ाई की थी। फिर वह एम.टेक की पढ़ाई के लिए अमेरिका गईं। बाद में कल्पना चावला ने वहीं शादी कर ली थी।
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नासा में शामिल हुईं कल्पना
साल 1995 में कल्पना चावला नासा में बतौर अंतरिक्ष यात्री शामिल हुई थीं। फिर साल 1998 में कल्पना को पहली बार उड़ान के लिए चुना गया था। उनकी यह यात्रा सफल रही और भारत की इस बेटी ने पूरी दुनिया में अपना परचम लहराया।
दूसरी बार उन्हें फिर चुना गया। सभी लोग बेसब्री से उनके लौटने का इंतजार कर रहे थे। लेकिन खबर कुछ ऐसी आई कि सबके चेहरों पर खुशी की जगह आंसू छलक आए। वैज्ञानिकों के मुताबिक जैसे ही कोलंबिया ने पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश किया, वैसे ही उसकी उष्मारोधी परतें फट गईं और यान का तापमान बढ़ने से यह हादसा हुआ।
कल्पना चावला अंतरिक्ष में जाने वाली पहली महिला थीं। 1 फरवरी 2013 में जिस अंतरिक्ष यान से वह लौट रही थीं उस यान में कल्पना चावला सहित 7 लोग सवार थे। इन में सभी 7 लोगों की मौत हो गई थी। यान कोलंबिया शटल STS-107 करीब दो लाख फीट की ऊंचाई पर था। इसकी रफ्तार करीब 20 हजार किलोमीटर प्रति घंटा थी। यह यान 16 मिनट बाद पृथ्वी पर उतरने ही वाला था लेकिन तभी यह हादसा हो गया जिसमें सभी की मौत हो गई।
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