वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने की खबरों ने दुनिया भर में ऊर्जा आपूर्ति की चिंताएं बढ़ा दी हैं। भारत में पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने कमर कस ली है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को ईंधन की जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाने का निर्देश दिया है।
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पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने आवश्यक वस्तु अधिनियम (एस्मा) और एलपीजी नियंत्रण आदेश के प्रावधानों को लागू करते हुए राज्यों से प्रवर्तन कार्रवाई तेज करने, तेल विपणन कंपनियों के साथ मिलकर दैनिक छापेमारी एवं निरीक्षण करने और गलत सूचनाओं के खिलाफ कड़ी सतर्कता बरतने को कहा है।
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एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, राज्यों को दैनिक संवाददाता सम्मेलन आयोजित करने, कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन स्थापित करने तथा ईंधन की उपलब्धता के बारे में जनता को भरोसा दिलाने के लिए फर्जी खबरों का सक्रिय रूप से मुकाबला करने को कहा गया है।
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब सरकार मौजूदा भू-राजनीतिक हालात के बावजूद देश भर में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उपाय तेज कर रही है।
सरकार ने नागरिकों को पेट्रोल और डीजल की घबराहट में खरीदारी के साथ ही एलपीजी की अनावश्यक बुकिंग से बचने की सलाह दी है और अफवाहों के खिलाफ आगाह करते हुए आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करने का आग्रह किया है।
उपभोक्ताओं से एलपीजी बुकिंग के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग करने और आवश्यकता न होने पर वितरकों के पास जाने से बचने को भी कहा गया है।
लोगों को पीएनजी, इंडक्शन और इलेक्ट्रिक कुकटॉप जैसे वैकल्पिक ईंधनों को अपनाने और दैनिक उपयोग में ऊर्जा संरक्षण के लिए प्रोत्साहित किया गया।
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