Chewing Gum in Cricket Importance: क्रिकेट मैच के दौरान अधिकतर खिलाड़ी च्युइंग गम चबाते रहते हैं, ताकि स्ट्रेस लेवल को कम किया जा सके और गेम पर फोकस बढ़ाया जा सके. एक्सपर्ट्स की मानें तो भारत-पाकिस्तान जैसे हाई प्रेशर मुकाबलों में खिलाड़ी मानसिक दबाव से गुजरते हैं और च्युइंग गम इससे राहत दिलाती है. बतौर कप्तान सूर्यकुमार यादव पर ज्यादा प्रेशर रहता है, जिससे निजात पाने के लिए वे अक्सर मैच के दौरान च्युइंग गम चबाते नजर आते हैं.
सूर्यकुमार यादव अक्सर मैदान पर च्युइंग गम चबाते हुए नजर आते हैं.
च्युइंग गम सीधे शरीर को एनर्जी नहीं देती है, लेकिन इसकी लयबद्ध चबाने की प्रक्रिया खिलाड़ियों को एक तरह की मानसिक रिद्म देती है. कई एथलीट्स का मानना है कि इससे उनका ध्यान भटकता नहीं और वे अपने खेल में निरंतरता बनाए रखते हैं. यह एक तरह की माइक्रो हैबिट है, जो प्रदर्शन के दौरान स्थिरता बनाए रखने में मदद कर सकती है. भारत-पाकिस्तान जैसे हाई वोल्टेज मुकाबले में मानसिक मजबूती उतनी ही जरूरी है जितनी तकनीक और फिटनेस जरूरी है. ऐसे में मैच के दौरान च्युइंग गम चबाना सिर्फ एक स्टाइल नहीं, बल्कि स्ट्रेस कंट्रोल, फोकस और आत्मविश्वास से जुड़ी आदत हो सकती है.
एक्सपर्ट्स की मानें तो लंबे समय तक मैदान में रहने और दबाव के कारण खिलाड़ियों का मुंह सूख सकता है. च्युइंग गम लार के स्राव को बढ़ाती है, जिससे मुंह में नमी बनी रहती है और असहजता कम होती है. खासकर गर्म और उमस भरे मौसम में यह खिलाड़ियों के लिए मददगार साबित हो सकता है. कई बार च्युइंग गम सिर्फ वैज्ञानिक कारणों से नहीं, बल्कि खिलाड़ी की आदत या रूटीन का हिस्सा भी होती है. बड़े मैच के दौरान कुछ खास आदतें खिलाड़ियों को आत्मविश्वास देती हैं. जैसे कोई खिलाड़ी खास ग्लव्स पहनता है या एक निश्चित तरीके से पैड बांधता है, उसी तरह गम चबाना भी मानसिक तैयारी का हिस्सा हो सकता है.
About the Author

अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.