अक्सर हम भूने चने खाते समय उनके छिलकों को बेकार समझकर अलग कर देते हैं. लेकिन आयुर्वेद के अनुसार इन्हीं पतले छिलकों में पाचन सुधारने और शरीर को डिटॉक्स करने की खास ताकत छिपी होती है. जानिए क्यों अगली बार आपको इन्हें फेंकने से पहले दो बार सोचना चाहिए.
भूने चने के छिलकों में भरपूर मात्रा में फाइबर पाया जाता है, जो पाचन तंत्र के लिए बेहद लाभकारी होता है. फाइबर आंतों को साफ रखने में मदद करता है और कब्ज जैसी समस्या से राहत दिला सकता है. आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और गलत खान-पान की वजह से पेट से जुड़ी दिक्कतें आम हो गई हैं. ऐसे में अगर आप भूने चने छिलकों समेत खाते हैं, तो यह पेट को लंबे समय तक भरा हुआ रखने में मदद करता है और ओवरईटिंग से भी बचाता है.
इसके अलावा, भूने चने के छिलके वजन नियंत्रित करने में भी सहायक हो सकते हैं. चूंकि इनमें फाइबर अधिक होता है, इसलिए यह धीरे-धीरे पचते हैं और बार-बार भूख लगने की समस्या कम करते हैं. जो लोग वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, उनके लिए यह एक सस्ता और हेल्दी स्नैक विकल्प हो सकता है. साथ ही यह ब्लड शुगर लेवल को संतुलित रखने में भी मदद करता है, क्योंकि फाइबर ग्लूकोज के अवशोषण की प्रक्रिया को धीमा करता है.
भूने चने में मौजूद पोषक तत्व जैसे आयरन, प्रोटीन और एंटीऑक्सीडेंट शरीर को ऊर्जा देने में मदद करते हैं, और जब इन्हें छिलकों समेत खाया जाता है तो इनके लाभ और बढ़ जाते हैं. छिलके शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में सहायक माने जाते हैं. आयुर्वेद के अनुसार, प्राकृतिक और कम प्रोसेस्ड भोजन शरीर के लिए ज्यादा हितकारी होता है. इसलिए साबुत चना और उसके छिलके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में भी योगदान दे सकते हैं.
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विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें
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