Neela superfood anti aging benefits : लंबे समय तक नीले आलू का खाने में उपयोग करता है, तो उसकी स्किन में निखार बना रहेगा. यह जल्द आने वाले बुढ़ापे की रफ्तार को धीमा कर देगा, 60 साल की उम्र में भी उसके चेहरे पर जबरदस्त ग्लो रहेगा और वह जवान दिखेगा. मेट्रो सिटी में इस वैरायटी के आलू की डिमांड बहुत तेजी से बढ़ रही
दाम 1500 से लेकर 2000 रुपए किलो तक
ब्लूबेरी को हर कोई अपनी डाइट में शामिल कर सके ऐसा संभव नहीं है क्योंकि इसकी दाम 1500 से लेकर 2000 रुपए किलो तक होते हैं. ऐसे में अब नीले आलू को ब्लूबेरी के विकल्प के रूप में देखा जा रहा है. नील आलू में भी ब्लूबेरी की तरह ही ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं. जिसका उपयोग कोई भी व्यक्ति बड़ी आसानी से कर सकता है, क्योंकि इसके रेट 60 से 100 रुपया किलो तक होते हैं. अब तो यह बुंदेलखंड की धरती पर भी उगाया जाने लगा है जिसकी वजह से इन्हें तलाश में या खरीदने के लिए कहीं बाहर भी नहीं जाना पड़ेगा.
मेट्रो सिटी में इस वैरायटी के आलू की डिमांड
अगर कोई व्यक्ति लंबे समय तक नीले आलू का खाने में उपयोग करता है, तो उसकी स्किन में निखार बना रहेगा और वह जल्द आने वाले बुढ़ापे की रफ्तार को धीमा कर देगा, 60 साल की उम्र में भी उसके चेहरे पर जबरदस्त ग्लो रहेगा और वह जवान दिखेगा. मेट्रो सिटी में इस वैरायटी के आलू की डिमांड बहुत तेजी से बढ़ रही हैजो किसान इसकी खेती कर रहे हैं उन्हें भी अच्छा मार्केट उपलब्ध हो रहा है और सामान आलू की अपेक्षा इसमें दो गुना तीन गुना मुनाफा कमा पा रहे हैं.
कैंसर होने का भी खतरा बहुत कम
बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायरोलॉजी विभाग के विभाग अध्यक्ष डॉक्टर सुमित रावत बताते हैं कि नीले आलू की तुलना ब्लूबेरी से की जाती है क्योंकि इसमें अधिक एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं. जो बुढ़ापा आने या फिर हमारे शरीर के जो अन्य अंग होते हैं उनके डैमेज को रोकने में मददगार होता है इसमें विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है. एंटीऑक्सीडेंट होने की वजह से यह हमारी इम्यूनिटी को बढ़ाता है. इतना ही नहीं अगर कोई व्यक्ति नीले आलू का सेवन बहुत लंबे समय तक करता रहता है तो उसको कैंसर होने का भी खतरा बहुत कम हो जाता है.
नीले आलू का उपयोग हम सब्जी के रूप में कर सकते हैं या इसको ड्राई करने के बाद चिप्स बनाकर या पाउडर बनाकर रख सकते हैं जिनको पराठा में मिलाकर या रोटी में मिलकर भी उपयोग कर सकते हैं सलाद के रूप में भी कई लोग इसका इस्तेमाल करते हैं. यह हमारे शरीर के लिए बहुत ही ज्यादा स्ट्रांग बनाता है
About the Author
7 वर्षों से पत्रकारिता में अग्रसर. इलाहबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नालिस्म की पढ़ाई. अमर उजाला, दैनिक जागरण और सहारा समय संस्थान में बतौर रिपोर्टर, उपसंपादक औऱ ब्यूरो चीफ दायित्व का अनुभव. खेल, कला-साह…और पढ़ें
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