Milind Sonam Health Tips: बॉलीवुड एक्टर 60 साल के मिलिंद सोनम अपनी फिटनेस के लिए जाने जाते हैं. नेचुरल तरीके से हेल्थ को कैसे ठीक रखा जा सकता है, इसके सारे उपाय ये खुद अपनी पर्सनल लाइफ में फॉलो करते हैं. इसी कड़ी में उन्होंने 9-5 जॉब करने वालो को फिट रहने का एक आसान मंत्र दिया है. ऑफिस डेस्क पर पानी की बोतल न रखें.
इसके लिए आप अपनी वॉटर बोतल को अपनी डेस्क पर न रखें. इससे आपको जब भी प्यास लगेगी तो आपको उठकर फिल्टर के पास जाना होगा और इस तरह से आप हर कुछ देर में उठने की आदत को आसानी से कर सकेंगे.उन्होंने आगे ये भी कहा कि अगर आप एक घंटे का लंच ब्रेक ले रहे हैं, तो एक मिनट निकालें, कुछ पुशअप्स करें, स्पॉट मार्चिंग करें, कुछ भी करें, कोई भी एक्टिविटी.
लंबे समय तक बैठे रहने से क्या होता है?
पोश्चर आपकी हेल्थ में बहुत अहम भूमिका निभाते हैं. इतना की आपमें से ज्यादातर लोगों को इसका अंदाजा भी नहीं है. सही शारीरिक मुद्रा बेहद महत्वपूर्ण है. लंबे समय तक झुककर या आगे की ओर झुककर बैठने से रीढ़ की हड्डी की डिस्क पर दबाव बढ़ता है और गर्दन और कंधे की मांसपेशियों में खिंचाव आता है. “पैरों को जमीन पर सीधा रखकर बैठना, स्क्रीन को आंखों के स्तर पर रखना और पीठ के निचले हिस्से को सहारा देना मददगार होता है, लेकिन केवल सही शारीरिक मुद्रा ही पर्याप्त नहीं है. किसी भी स्थिति में बहुत देर तक रहना ‘सुरक्षित’ नहीं है; हिलना-डुलना जरूरी है.
क्या 30 मिनट के बाद एक ब्रेक हेल्थ के लिए काफी है?
छोटे-छोटे ब्रेक भी रीढ़ और जोड़ों पर पड़ने वाले तनाव को काफी हद तक कम कर सकते हैं. खड़े होना, पानी भरने के लिए चलना या एक मिनट के लिए स्ट्रेचिंग करना शरीर की मुद्रा को ठीक करने, ब्लड फ्लो को बेहतर बनाने और मांसपेशियों की थकान को कम करने में मदद करता है. ये छोटे-छोटे ब्रेक मांसपेशियों और जोड़ों में होने वाले उस जकड़न को रोकते हैं जो बहुत देर तक बैठने से होती है.
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शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें
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