Health Tips: एक्मेला ओलेरेसिया, जिसे टूथएक प्लांट या इलेक्ट्रिक डेज़ी भी कहा जाता है, एक अद्भुत पौधा है. इसके फूल और पत्तों में मौजूद स्पिलैंथॉल दर्द निवारक, सूजनरोधी और एंटी-एजिंग गुणों से भरपूर है. यह दांत दर्द, मसूड़ों की सूजन, मुंह के छाले, जोड़ों के दर्द और इम्युनिटी बढ़ाने में मदद करता है. इसे कच्चा चबाकर, पाउडर या काढ़े के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन हमेशा आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह के साथ। प्राकृतिक बोटॉक्स और स्वास्थ्यवर्धक गुणों के कारण यह पौधा सच में चमत्कारी है.
बलिया. छोटे-बड़े तमाम पेड़-पौधों के बारे में आपने पढ़ा, देखा और सुना होगा, जो अपनी विभिन्न खासियतों के चलते फेमस हैं. लेकिन आज हम आपको एक ऐसे अद्भुत पौधे के बारे में बताने जा रहे हैं, जो बिल्कुल हैरान कर देने वाला है. इसके बारे में जानकर आप कहेंगे कि, यह जादू है। जी हां, एक्मेला ओलेरेसिया (Acmella oleracea), जिसे टूथएक प्लांट या इलेक्ट्रिक डेज़ी के नाम से भी जाना जाता है. चूंकि अगर कोई पौधा एक साथ दांत दर्द से राहत, त्वचा रोग और इम्युनिटी पॉवर बढ़ाने जैसे अनेक लाभ का दावा करे, तो शायद आप भी सोच में पड़ सकते हैं. हालांकि, यह अद्भुत पौधा है और साधारण तौर पर हर जगह देखने को मिल जाता है. लेकिन इसके बारे में अधिक जानकारी न होने के कारण लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं. फेमस आयुर्वेदाचार्य और सात साल के अनुभवी चिकित्साधिकारी डॉ. प्रियंका सिंह के मुताबिक, एक्मेला ओलेरेसिया न केवल एक पौधा है, बल्कि एक नेचुरल पावरहाउस है, जो दर्द, उम्र और बीमारियों को खुली चुनौती देती है. इस पौधे की ताकत इसके खास यौगिक स्पिलैंथॉल (Spilanthol) में छिपी है. इसके फूल या पत्ते मुंह में डालते ही हल्की सी झनझनाहट और सुन्नपन का अनुभव होता है. यही कारण है कि इससे दांत दर्द तुरंत गायब हो जाता है। पारंपरिक चिकित्सा में इसे प्राकृतिक एनेस्थेटिक भी माना गया है.
इसके फूल और पत्ते खाने में भी होते हैं इस्तेमाल
डॉ. प्रियंका ने कहा कि मजेदार बात यह है कि कई देशों में इसके फूल और पत्ते खाने में भी इस्तेमाल होते हैं. इसका स्वाद तीखा, चटपटा और हल्का-सा सुन्न कर देने वाला होता है. यह मसूड़ों की सूजन, मुंह के छाले या गले की तकलीफ जैसी समस्याओं में बेहद लाभकारी और गुणकारी है. एक्मेला ओलेरेसिया में जबरदस्त सूजनरोधी और दर्द निवारक गुण होते हैं, जो जोड़ों के दर्द और पुरानी सूजन से जूझ रहे लोगों के लिए बहुत उपयोगी हैं. डॉ. प्रियंका ने आगे कहा कि यह एंटी-एजिंग हीरो स्पिलैंथॉल चेहरे की मांसपेशियों को आराम देने में काफी लाभकारी है.
उक्त वजह से झुर्रियां भी कम दिखाई देती हैं और इसे प्राकृतिक बोटॉक्स भी कहा जाता है. इसके एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण शरीर को संक्रमणों से बचाने में मदद करते हैं, जबकि नियमित उपयोग से इम्युनिटी बूस्ट होती है. यह पाचन को सुधारने, भूख बढ़ाने और बुखार में राहत देने में भी सहायता करता है. इसे पाउडर, कच्चा चबाकर या काढ़े के रूप में सेवन किया जा सकता है. ध्यान रखें कि बिना आयुर्वेद चिकित्सक से परामर्श लिए इसका सेवन न करें, क्योंकि कुछ परिस्थितियों में यह हानिकारक भी सिद्ध हो सकता है.
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Hello I am Monali, born and brought up in Jaipur. Working in media industry from last 9 years as an News presenter cum news editor. Came so far worked with media houses like First India News, Etv Bharat and NEW…और पढ़ें
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