Diabetes Fruits : डायबिटीज के मरीजों के मन में अक्सर यह सवाल रहता है कि क्या वे फल खा सकते हैं? दरअसल, फलों में नेचुरल शुगर (फ्रुक्टोज) होती है, इसलिए सावधानी जरूरी है. लेकिन प्रकृति ने हमें कुछ ऐसे फल दिए हैं जो फाइबर और पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं और जिनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) काफी कम होता है. ये फल न केवल शुगर लेवल को स्थिर रखते हैं, बल्कि शरीर की कमजोरी को दूर कर इम्यूनिटी भी बढ़ाते हैं. आज हम आपको उन 5 जादुई फलों के बारे में बताएंगे जो शुगर मरीजों के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं.
शुगर की बीमारी यानी डायबिटीज ऐसी बीमारी है जो धीरे-धीरे शरीर को खोखला कर देती है. इसमें पैंक्रियाज ठीक से काम नहीं करता जिसके कारण उसमें से निकलने वाला इंसुलिन हार्मोन बहुत कम निकलता है या निकलता ही नहीं है या निकलने के बावजूद काम का नहीं रहता. यह इंसुलिन ही शरीर में कार्बोहाइड्रैट यानी शुगर को पचाता है. जब इंसुलिन कम होने लगता है तो शुगर भी नहीं पचता और खून में तैरने लगता है जो धीरे-धीरे किडनी, हार्ट, लिवर आदि को नुकसान पहुंचाने लगता है.

शुगर मरीज फल खा सकते हैं या नहीं, ये सवाल इंडिया में बहुत आम है. क्योंकि इसके बारे में लोग अलग-अलग जवाब देते हैं. कुछ लोग कहते हैं कि फलों में नेचुरल शुगर होती है, इसलिए इन्हें खाने से ब्लड शुगर बढ़ जाता है. लेकिन कुछ लोग मानते हैं कि इससे शुगर लेवल पर ज्यादा असर नहीं होता. सच तो ये है कि फलों में नेचुरल शुगर होती है, लेकिन अगर आप कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फल खाते हैं तो डायबिटीज वालों को कोई परेशानी नहीं होती. क्योंकि ये फल ब्लड शुगर को धीरे-धीरे बढ़ाते हैं और अचानक शुगर स्पाइक नहीं होने देते. इंडिया में कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले 5 बेस्ट फल कौन से हैं और डायबिटीज वालों के लिए ये कैसे फायदेमंद हैं, आइए जानते हैं.

पपीता: पपीता का GI बहुत कम होता है. इसमें बीटा-कैरोटीन जैसे ताकतवर एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं. यह पाचन दर को बढ़ाता है और डायबिटीज से होने वाले ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करता है. शुगर मरीज दोपहर या सुबह आधा कप पपीता के टुकड़े खा सकते हैं. लेकिन बहुत ज्यादा पका हुआ पपीता न खाएं, थोड़ा सख्त टुकड़े खाना बेहतर है. रोज 100-150 ग्राम से ज्यादा न लें.
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अमरूद (Guava): ये एक सुपर फ्रूट है जो ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करता है. अमरूद में विटामिन सी और फाइबर भरपूर होते हैं. इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी कम होता है, जिससे ये खून में शुगर नहीं बढ़ाता. अमरूद को छिलका हटाए बिना खाने से ग्लूकोज बैलेंस में मदद मिलती है. शुगर मरीज अमरूद के पत्तों की चाय भी पी सकते हैं, इससे अच्छे रिजल्ट मिलते हैं. लेकिन पके हुए अमरूद की बजाय कच्चा अमरूद खाना बेहतर है, क्योंकि उसमें शुगर कंटेंट कम होता है. इसमें मौजूद पोटैशियम शुगर के साथ-साथ बीपी को भी कंट्रोल करता है.

सेब (Apple): डायबिटीज वाले लोग सेब खा सकते हैं, इसमें कोई नुकसान नहीं है. इसमें मौजूद पेक्टिन नाम का डाइजेस्टिव फाइबर, शुगर के अवशोषण को धीमा करता है. रोज एक छोटा सेब खाने से शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है. इसमें मौजूद तत्व खराब कोलेस्ट्रॉल कम करने के साथ-साथ पाचन भी बेहतर करते हैं. सुबह ब्रेकफास्ट में या शाम को स्नैक के तौर पर ये फल खाना अच्छा है. लेकिन सेब हमेशा छिलके के साथ ही खाना चाहिए, क्योंकि शुगर को बढ़ने से रोकने वाला फाइबर छिलके में ही होता है. ये इंसुलिन रेजिस्टेंस भी कम करता है.

संतरा (Orange): संतरे में GI कम होता है और विटामिन सी ज्यादा होता है. ये शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं. संतरे का जूस पीने से बेहतर है कि फल को सीधे खाएं. इससे पूरा फाइबर मिलता है. इसमें ‘पेक्टिन’ नाम का फाइबर होता है, जो खून में शुगर को सोखने की गति को कम करता है.

जामुन (Black Jamun): बाकी फलों के मुकाबले, डॉक्टर कहते हैं कि डायबिटीज मरीजों के लिए जामुन सबसे अच्छा है. ये खून में शुगर कम करने में मदद करता है, और इसकी गुठली का पाउडर भी डायबिटीज के लिए दवा की तरह काम करता है. जामुन में मौजूद तत्व आंखों की सेहत को बचाते हैं और डायबिटीज रेटिनोपैथी से भी बचाते हैं.

स्ट्रॉबेरी: स्ट्रॉबेरी में भी GI कम होता है और इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स ज्यादा होते हैं. ये दिल की सेहत को बचाती हैं, मीठा खाने की इच्छा को कम करती हैं. इंसुलिन सेंसिटिविटी को सपोर्ट करती हैं और शरीर में सूजन को कम करती हैं. इनमें कार्बोहाइड्रेट बहुत कम होता है. इसलिए शुगर मरीज एक कप स्ट्रॉबेरी खा सकते हैं, इससे शुगर लेवल पर ज्यादा असर नहीं पड़ता.
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