Health tips for children : फरवरी आधी बीत चुकी है. मौसम में गर्माहट घुलने लगी है. सर्दी से गर्मी के इस बदलाव का असर सबसे ज्यादा बच्चों की सेहत पर पड़ता है. सर्दी-खांसी, बुखार, एलर्जी और संक्रमण बढ़ने लगे हैं. ऐसे में बच्चों को खास ख्याल की जरूरत है. लोकल 18 ने इस बारे में रायबरेली के चिकित्सक डॉ. सौरभ सिंह से बात की. डॉ. सौरभ बताते हैं कि बदलते मौसम में बच्चों को रोज कम से कम एक या दो मौसमी फल जरूर देने चाहिए. पैकेट वाले जूस से बचें, क्योंकि उनमें शुगर की मात्रा अधिक होती है. फल सलाद बनाकर या स्कूल टिफिन में छोटे टुकड़ों में काटकर भी दिए जा सकते हैं.
मौसम में बदलाव के साथ ही बच्चों की सेहत पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है. सर्दी-खांसी, बुखार, एलर्जी और संक्रमण जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ने लगती हैं. ऐसे में डॉक्टर और पोषण विशेषज्ञ बच्चों की डाइट में मौसमी फलों को शामिल करने की सलाह देते हैं. ताजे फल न केवल शरीर को जरूरी पोषक तत्व देते हैं, बल्कि इम्यूनिटी भी मजबूत करते हैं.

रायबरेली जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवगढ़ के जनरल फिजिशियन डॉ. सौरभ सिंह लोकल 18 से बताते हैं कि माता-पिता अपने बच्चों का बदलते मौसम के दौरान खास ख्याल रखें. उनकी डाइट चार्ट का बना लें. इस मौसम में बच्चों को कई तरह के वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में जरूरी है कि बच्चों को भोजन के साथ ही उनकी डाइट में फलों को जरूर शामिल करें. खासकर उन फलों को, जो उनके विकास में अहम भूमिका निभाते हैं.

डॉ. सौरभ के मुताबिक, रोज एक सेब बच्चों को कई बीमारियों से दूर रख सकता है. सेब में फाइबर और विटामिन-सी भरपूर मात्रा में होता है, जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और संक्रमण से लड़ने की क्षमता बढ़ाता है. बदलते मौसम में सेब का नियमित सेवन फायदेमंद है.
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डॉ. सौरभ के अनुसार, संतरा विटामिन-सी का बेहतरीन स्रोत है. यह सर्दी-जुकाम से बचाव करने में मदद करता है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है. बच्चों को संतरे का जूस देने के बजाय पूरा फल खिलाना ज्यादा लाभकारी होता है.

डॉ. सौरभ बताते हैं कि केला ऊर्जा का अच्छा स्रोत है. इसमें पोटैशियम और कार्बोहाइड्रेट होते हैं, जो बच्चों को दिनभर एक्टिव रखते हैं. मौसम बदलने पर कमजोरी महसूस होने पर केला तुरंत ताकत देता है.

डॉ. सौरभ कहते हैं कि अनार खून बढ़ाने में मदद करता है. इसमें आयरन और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो बच्चों को एनीमिया से बचाने में सहायक होते हैं और शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं.

डॉ. सौरभ बताते हैं कि अमरूद में विटामिन-सी की मात्रा संतरे से भी ज्यादा होती है. यह पाचन को बेहतर करता है और बच्चों की इम्यूनिटी बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है.
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