Health News: सीधी के आयुर्वेद चिकित्साधिकारी डॉ विपिन सिंह ने बताया कि अडूसा को वासा के नाम से भी जाना जाता है. इसके फल, फूल, पत्तियां और जड़ सभी औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं. इसमें मिमोसिन एल्कलॉइड, टैनिन और टर्गोरिन जैसे पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर को कई गंभीर बीमारियों से बचाने में सहायक होते हैं. सही जानकारी और उचित मात्रा में इसका उपयोग बेहद लाभकारी साबित हो सकता है. यदि किसी इंफेक्शन के कारण मुंह में घाव या सूजन हो जाए, तो अडूसा का प्रयोग जल्दी राहत देता है. मुंह में छाले होने पर अडूसा की 2-3 पत्तियों को चबाकर उसका रस चूसने से फायदा मिलता है. इसकी लकड़ी से दातून करने पर मुख के रोग दूर होते हैं. वहीं अडूसा के 50 मिली काढ़े में एक चम्मच गेरू और दो चम्मच शहद मिलाकर मुंह में रखने से घाव जल्दी सूख जाता है. दांत दर्द की समस्या में अडूसा के पत्तों के काढ़े से कुल्ला करने पर दर्द में आराम मिलता है. अडूसा अर्थराइटिस के दर्द में भी फायदेमंद है. इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लामेटरी गुण सूजन और दर्द को कम करते हैं.
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