आजकल ऑफिस में साथ काम करते-करते लोगों के बीच कनेक्शन बनना बहुत कॉमन हो गया है। दिन का ज्यादातर समय हम अपने कुलीग्स के साथ बिताते हैं, बातें, हंसी-मजाक, काम का स्ट्रेस शेयर करना, सब कुछ साथ में होता है। ऐसे में किसी की तरफ दिल आ जाना बिल्कुल नॉर्मल है।
लेकिन असली दिक्कत तब शुरू होती है जब आपकी फीलिंग्स गहरी हो जाएं और सामने वाला आपको उस नजर से ना देखे। यही एकतरफा प्यार धीरे-धीरे दिमाग और दिल दोनों पर असर डालने लगता है।
क्यों मुश्किल हो जाती है ये सिचुएशन?
इस तरह की स्थिति इसलिए ज्यादा मुश्किल लगती है क्योंकि आप उस इंसान से रोज मिलते हैं। उसकी छोटी-छोटी बातें भी आपको खास लगने लगती हैं, जबकि उसके लिए वो बस सामान्य व्यवहार होता है। धीरे-धीरे आप हर चीज जैसे उसका रिप्लाई, उसकी टोन, उसका बिहेवियर को एनालाइज करने लगते हैं। यही सोचते-सोचते आप ओवरथिंकिंग के जाल में फंस जाते हैं, जिससे ना सिर्फ आपका मन परेशान होता है बल्कि काम पर भी असर पड़ता है।
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रियलिटी को समझना क्यों जरूरी है?
सबसे पहले आपको ये समझना होगा कि हर फीलिंग का जवाब सामने वाले के पास भी वैसा ही हो, ये जरूरी नहीं है। अगर वो आपको उस तरह से नहीं देखता, तो ये उसकी चॉइस है और इसे एक्सेप्ट करना ही आगे बढ़ने का पहला सेटप है। बार-बार ये उम्मीद रखना कि शायद वो बदल जाएगा, आपको और ज्यादा हर्ट करेगा। इसलिए जितना जल्दी आप सच को स्वीकार करेंगे, उतना आसान होगा खुद को संभालना।
थोड़ी दूरी बनाना गलत नहीं है
अगर आपकी फीलिंग्स आपको परेशान कर रही हैं, तो थोड़ी दूरी बनाना बिल्कुल सही है। इसका मतलब ये नहीं कि आप रुड हो जाएं, बल्कि बस इतना कि बेफिजूल की बातों कम किया जा सकें। जब आप खुद को थोड़ा स्पेस देते हैं, तो इमोशंस भी धीरे-धीरे कंट्रोल में आने लगते हैं और आप चीजों को साफ तरीके से देख पाते हैं।
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इमोशंस को दबाएं नहीं, सही जगह निकालें
कई लोग अपनी फीलिंग्स को दबाने की कोशिश करते हैं, लेकिन इससे अंदर ही अंदर फ्रस्ट्रेशन बढ़ता है। बेहतर है कि आप उन्हें किसी सही तरीके से बाहर निकालें, जैसे जर्नलिंग करना, किसी दोस्त से बात करना या अपने किसी शौक में समय देना। जब आप अपनी एनर्जी को सही डायरेक्शन में लगाते हैं, तो धीरे-धीरे दिल भी हल्का महसूस करने लगता है।
ओवरथिंकिंग से बाहर निकलना जरूरी है
उसने ऐसा क्यों किया?, क्या वो भी मुझे पसंद करता है?, ये सवाल आपको बार-बार कंफूज करेंगे। लेकिन सच बहुत सिंपल होता है, अगर कोई आपको पसंद करता है, तो वो आपको क्लियर सिग्नल देगा, आपको गेस नहीं करना पड़ेगा। इसलिए हर छोटी चीज को ज्यादा सोचने की बजाय सिचुएशन को सीधा समझने की कोशिश करें।
सबसे जरूरी है अपनी वैल्यू को समझना
सबसे बड़ी बात, आप किसी के लिए ऑप्शन बनने के लिए नहीं हैं। आपको ऐसा इंसान मिलना चाहिए जो आपको उतनी ही इम्पोर्टेंस दे, जितनी आप उसे देते हैं। कभी-कभी हम किसी को इसलिए पसंद करने लगते हैं क्योंकि वो हमारे आसपास होता है और हमें अच्छा फील कराता है। लेकिन हर अच्छा लगने वाला इंसान, सही इंसान नहीं होता। इसलिए खुद को समझें, अपनी वैल्यू जानें और उस इंसान का इंतजार करें जो आपको बिना कंफ्यूशन के, पूरे दिल से चाहे।
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