क्या है डिजिटल हेल्थ चेकअप
जैसे कि हम अपने शरीर की खामियों जानने के लिए हेल्थ चेकअप करवाते हैं, उसी तरह से डिजिटल हेल्थ चेकअप से हमें हमारे फोन और डिजिटल लाइफ की तमाम खामियों का पता चलता है। इन खामियों को सुधारा न जाए, तो हमारा फोन और डिजिटल लाइफ हैकर्स के अटैक का शिकार हो सकता है। जिस वजह से डिजिटल हेल्थ चेकअप आपके डेटा और बैंक बैलेंस के नुकसान से आपको बचाएगा।
ईमेल आईडी चेक करें
फोन की हेल्थ चेकअप के लिए पहले स्टेज पर अपनी ईमेल आईडी की जांच करें। इसके लिए आप सबसे पहले haveibeenpwned.com पर जाएं और अपना ईमेल आईडी डालकर चेक करें कि वह किसी डेटा लीक में शामिल था या नहीं। यदि आपका ईमेल किसी लीक में शामिल है, तो तुरंत पासवर्ड को चेंज कर दें। फिर आप ईमेल के लिए 2 स्टेप वेरिफिकेशन को ऑन कर लें और वेरिफिकेशन के तरीके के तौर पर OTP की जगह Google Authenticator ऐप को सेट करें।
आधार बायोमैट्रिक डेटा लॉक करें
अक्सर होता है कि फ्रॉड आधार के जरिए भी हो जाते हैं और हैकर्स की नजर लोगों के आधार बायोमेट्रिक डेटा पर भी रहती है। इसलिए आप अपने आधार का बायोमेट्रिक डेटा लॉक कर दें। इसके लिए आपको नई आधार ऐप डाउनलोड करनी होगी।
जब आप ऐप में लॉगइन करेंगे तो होम पेज पर ही अपने आधार QR कोड के नीचे आपको Biometric Lock का ऑप्शन देखने को मिल जाएगा। वहां से आप अपने बायोमेट्रिक डेटा को लॉक कर पाएंगे।
WhatsApp की सुरक्षा
डिजिटल हेल्थ चेकअप के चौथे चरण में अपने WhatsApp की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। सबसे पहले टू-स्टेप वेरिफिकेशन को सक्रिय रखें ताकि आपका अकाउंट अधिक सुरक्षित रहे। समय-समय पर WhatsApp को अपडेट करते रहें क्योंकि नए अपडेट में सुरक्षा सुधार शामिल होते हैं। किसी भी अनजान नंबर से आए संदेशों का जवाब देने से बचें, उन्हें पूरी चैट सहित हटा दें और तुरंत रिपोर्ट भी करें। इससे आप ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर खतरे से सुरक्षित रहेंगे।
इसके अतिरिक्त, Linked Devices पर जाकर देखें कि किसी अनजान डिवाइस से आपका WhatsApp लिंक तो नहीं है। ऐसा हो, तो अनजान डिवाइस को हटा दें।
अपने नाम पर जारी सिम चेक करें
डिजिटल हेल्थ चेकअप के दूसरे स्टेज में आपको चेक करना चाहिए कि आपके नाम पर कितनी सिम एक्टिव होंगी। आपके नाम पर जारी फेक सिम आपको कई तरीके से नुकसान पहुंचा सकती है। इस तरह के नंबर्स का यूज देश के विरोधी गतिविधियों में हो सकता है या फिर इनके जरिए आपके नाम पर कई तरह के फ्रॉड किए जा रहे हैं।
इसके लिए आप sancharsaathi.gov.in पर जाकर Know Your Mobile Connection पर क्लिक करें। इसके बाद अपना मोबाइल नंबर डालकर ओटीपी से वेरिफाई करें और जिस नंबर या सिम को आप न पहचान पाएं, उसको तुरंत रिपोर्ट कर दें।
फोन को APK प्रूफ बनाएं
डिजिटल हेल्थ चेकअप के पांचवे स्टेज में जरुरी है कि आप अपने फोन को APK प्रूफ बना लें। हैकर्स के फोन में APK फाइल इंस्टॉल करवाकर उनके फोन का एक्सेस पा लेते हैं। ऐसे में फोन की सेटिंग्स में जाकर Unknown Source को बंद कर दें। इस तरीके से आप ये सेटिंग बंद करेंगे, तो आपके फोन में प्ले स्टोर के अलावा साइडलोडिंग के जरिए ऐप को इंस्टॉल नहीं कर सकते हैं।
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