खेलों में डोपिंग से जुड़ी नयी चुनौतियों पर विचार करने के लिए सोमवार को आयोजित चौथे राष्ट्रीय अनुपालन मंच की बैठक में खराब सप्लीमेंट, दवाओं के दुरुपयोग और प्रतिबंधित पदार्थों कीऑनलाइन बिक्री जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।
खेल सचिव हरि रंजन राव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में विभिन्न हितधारकों द्वारा लागू किए गए डोपिंग रोधी प्रयासों की समीक्षा की गई और डोपिंग रोकने के लिए अंतर-मंत्रालय समन्वय को मजबूत करने के उपायों पर विचार किया गया।
राव ने आपूर्ति श्रृंखला की निगरानी को मजबूत करने और ‘अनजाने में डोपिंग के जोखिम को कम करने और स्वच्छ खेल की अखंडता की रक्षा करने’ के लिए जागरूकता कार्यक्रम बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
बैठक में प्रतिबंधित और अप्रमाणित पदार्थों की ऑनलाइन बिक्री और प्रचार सहित उभरती चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
दूषित सप्लीमेंट और दवाओं के दुरुपयोग को लेकर हुई बैठक
खेल मंत्रालय के एक विज्ञप्ति में बताया गया, ‘‘हितधारकों ने निगरानी बढ़ाने, नमूना परीक्षण बढ़ाने, प्रयोगशाला क्षमता का मूल्यांकन करने और पोषण सप्लीमेंट का परीक्षण भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण से मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में कराने की आवश्यकता पर बल दिया।’
इस बैठक में मंत्रालयों और संगठनों के प्रतिनिधि सहित प्रमुख हितधारक शामिल हुए। इनमें विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय, कानून एवं न्याय मंत्रालय, केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण, मादक पदार्थ नियंत्रण ब्यूरो, राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी, भारतीय खेल प्राधिकरण और भारतीय पैरालंपिक समिति शामिल थे।
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