Gautam Gambhir: T20 वर्ल्ड कप 2026 ट्रॉफी जिताने वाले टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने दिल्ली हाईकोर्ट में एक मुकदमा दायर किया है, जिसमें उन्होंने AI आधारित डीपफेक और उनकी पहचान के कथित दुरुपयोग के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। गंभीर ने इस मामले में 16 पक्षों के खिलाफ याचिका दायर किया है, जिसमें 2.5 करोड़ रुपये हर्जाना मांगा गया है।
सोशल मीडिया पर बने फर्जी अकाउंट
गंभीर की लीगल टीम का कहना है कि 2025 की शुरुआत से ही सोशल मीडिया (Instagram, X, YouTube और Facebook) पर मनगढ़ंत डिजिटल सामग्री और उनके नाम से नकली कंटेंट तेजी से बढ़ा है। एआई, फेस-स्वैपिंग और वॉइस-क्लोनिंग तकनीक की मदद से ऐसे वीडियो बनाए गए, जिनमें उन्हें ऐसे बयान देते हुए दिखाया गया जो उन्होंने कभी दिए ही नहीं। इनमें एक फर्जी इस्तीफे का वीडियो भी शामिल था, जिसे लाखों बार देखा गया।
ऐसे में गंभीर ने मामले में 16 पक्षों को प्रतिवादी बनाया गया है, जिसमें कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स के साथ-साथ ई-कॉमर्स कंपनियां जैसे एमेजॉन और फ्लिपकार्ट के साथ-साथ टेक कंपनियां जैसे मेटा प्लेटफॉर्म्स, गूगल और यूट्यूब का नाम भी शामिल है। इसका अलावा IT मंत्रालय और दूरसंचार विभाग को भी इसमें शामिल किया गया है ताकि कोर्ट के आदेशों को लागू कराया जा सके।
गौतम गंभीर ने सोशल मीडिया व ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर उनके नाम, चेहरे और आवाज का इस्तेमाल कर बनाए गए फर्जी कंटेंट को हटाने की गुहार लगाई है। उन्होंने कॉपीराइट एक्ट 1957, ट्रेड मार्क्स एक्ट 1999 और कॉमर्शियल एक्ट 2015 के तहत दायर मुकदमे में बॉलीवुड अभिनेता और क्रिकेटर्स को पहले दिए गए महत्वपूर्ण फैसलों का भी हवाला दिया गया है। इसमें अमिताभ बच्चन VS रजत नेगी, अनिल कपूर VS सिम्पली लाइफ इंडिया और सुनील गावस्कर VS क्रिकेट तक, जिनमें पर्सनैलिटी राइट्स को कानूनी सुरक्षा दी गई है।
गंभीर ने कोर्ट से सभी आपत्तिजनक अकाउंट्स को हटाने, भविष्य में ऐसे इस्तेमाल पर स्थायी रोक लगाने और मौजूदा कंटेंट को हटाने की मांग की है। इसके अलावा 2.5 करोड़ रुपये का हर्जाने की भी मांग की है, क्योंकि उनका मानना है हेड कोच की पहचान और छवि का गलत इस्तेमाल कर फर्जी जानकारी फैलाई जा रही है और इससे कमाई की जा रही है।